नई दिल्ली: सरकार ने जीएसटी दरों में कटौती कर आम लोगों को दिवाली का गिफ्ट दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से इस बारे में घोषणा की थी। अब रिजर्व बैंक दिवाली से पहले आम आदमी को एक और गिफ्ट देने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक इस महीने ब्याज दरों यानी रेपो रेट में कटौती कर सकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। अभी ब्याज दर 5.50% है। अगर ब्याज दरों में कटौती होती है तो इससे बैंक से लोन लेना सस्ता होगा। साथ ही ईएमआई का बोझ भी कम होगा।
इस महीने होगी मीटिंग
रिजर्व बैंक की इस महीने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग होगी। माना जा रहा है कि इस मीटिंग में रिजर्व बैंक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) की कमी कर सकती है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में ब्याज दरें घटाना सही रहेगा। अभी महंगाई कंट्रोल में है और आगे भी इसके कम होने की उम्मीद है। एमपीसी की मीटिंग 29 से 30 सितंबर को होगी और पॉलिसी का फैसला 1 अक्टूबर 2025 को होगा।
रिपोर्ट में दी चेतावनी
एसबीआई की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर ब्याज दरें नहीं घटाई गईं तो ‘टाइप 2 एरर’ होने का खतरा है। पहले भी ऐसा हो चुका है जब रिजर्व ने अच्छी स्थिति होने के बावजूद ब्याज दरें नहीं घटाई थीं। ‘टाइप 2 एरर’ का मतलब है कि जब कोई चीज करनी चाहिए, तब उसे न करना।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंट्रल बैंकों का बिना शोर-शराबे वाला कम्युनिकेशन भी एक पॉलिसी टूल है। सितंबर में भी ‘टाइप 2 एरर’ (न्यूट्रल रुख के साथ ब्याज दर में कटौती नहीं) करने का कोई मतलब नहीं है। रिजर्व के लिए सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की ब्याज दर में कटौती सबसे अच्छा ऑप्शन है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जून के बाद से ब्याज दरें घटाने के लिए और भी ज्यादा मजबूत वजह चाहिए। इसलिए आरबीआई को साफ-साफ बात करनी होगी।
कम होगी महंगाई!
एसबीआई का मानना है कि अभी ब्याज दरें घटाना सबसे अच्छा ऑप्शन है। सितंबर और अक्टूबर में महंगाई 2% से भी कम रहने की उम्मीद है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2027 तक महंगाई कम रहने की उम्मीद है।
एसबीआई का कहना है कि अभी सही समय है क्योंकि महंगाई कंट्रोल में है और वित्तीय वर्ष 2027 में भी इसके कम होने की उम्मीद है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) लगभग 4% या उससे कम रहने का अनुमान है। अगर जीएसटी रिफॉर्म्स उम्मीद के मुताबिक करे तो अक्टूबर में यह 1.1% तक भी गिर सकती है। ऐसा साल 2004 के बाद पहली बार होगा। सीपीआई एक इंडेक्स है जिससे पता चलता है कि लोगों के लिए चीजें कितनी महंगी हो रही हैं।

























































