नई दिल्ली: हिंदू धर्म में नवरात्रि का त्योहार काफी धूमधाम से मनाया जाता है। इस पर्व के लिए लोग सालों भर इंतजार करते हैं। बता दें कि नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रुपों की पूजा होती है। बहुत ही जल्द दुर्गा पूजा का आरंभ होने वाला है। जिसका शुभारंभ महालया से होगा। महालया का प्रारंभ अमावस्या के दिन होता है। इस दिन पुण्यनदी नदी तट पर लोग तर्पण करने के लिए जाते हैं और अपने पूर्वजों की आत्माओं की शांति की कामना करते हैं।
भारतीय पौराणिक परंपरा के अनुसार, महालया महिषासुरमर्दिनी दुर्गा के प्रति भक्ति के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व का महत्व बंगाल में विशेष रूप से देखने को मिलता है, जहां पूजा का आयोजन सबसे अधिक उत्साह के साथ किया जाता है। महालया दुर्गा पूजा के पूर्वदिन होता है। इस अवसर पर माता दुर्गा की पूजा कर उन्हें धरती पर बुलाने के लिए प्रार्थना किया जाता है।
दुर्गा पूजा को खास कर पश्चिम बंगाल में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोग उनके स्वागत के लिए काफी दिन पहले से ही तैयारी करने लगते हैं। बाजारों में लोगों की काफी ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है।
3 खास मंदिर
भारत में देवी-देवताओं के मंदिर सिर्फ पूजा का स्थान नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम होते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी अनोखी परंपरा और रीति-रिवाजों के लिए जाने जाते हैं। चलिए आज आपको तीन खास मंदिरों के बारे में बताते हैं, जहां भक्त पूजा करने पहुंचते हैं। केवल इतना ही नहीं, नवरात्रि के समय यहां काफी अधिक भीड़ उमड़ती है। सुरक्षा के लिहाज से यहां स्थानीय पुलिस बल तैनात रहते हैं।
चाइनीज काली मंदिर (कोलकाता)
कोलकाता के टेंगरा इलाके में स्थित यह मंदिर थोड़ा अलग है। यहां मां काली की पूजा सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि चीनी समुदाय के लोग भी करते हैं। नाम से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह मंदिर अपने अलग अंदाज के लिए जाना जाता है। यहां देवी को प्रसाद में नूडल्स, चावल और चाइनीज खाना चढ़ाया जाता है। साधारण धूप-दीप की बजाय यहां मोमबत्तियां जलाई जाती हैं। नवरात्र के समय मंदिर भक्तों से भर जाता है और दूर-दूर से लोग मां काली की आराधना करने आते हैं।
वनदेवी मंदिर (बिलासपुर)
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित वनदेवी मंदिर जंगल के बीच में है। इसे स्थानीय लोग जंगल की देवी मानते हैं। यहां की मान्यता है कि देवी वनदेवी जंगल और उसमें रहने वाले जीव-जंतुओं की रक्षा करती हैं। इस मंदिर में भक्त देवी को पत्थर अर्पित करते हैं। यहां की शांति और प्राकृतिक माहौल भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव देता है।
जय दुर्गा पीठम धाम (चेन्नई)
दक्षिण भारत में मां दुर्गा के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं और चेन्नई का जय दुर्गा पीठम उनमें सबसे खास माना जाता है। यह मंदिर मां दुर्गा के शक्ति स्वरूप को समर्पित है। यहां की पूजा में पारंपरिक तमिल रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। नवरात्र के दौरान मंदिर में भव्य उत्सव और संगीत कार्यक्रम होते हैं। खास आरती और भजन कीर्तन भक्तों के अनुभव को और भी विशेष बना देते हैं।

























































