नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय प्रिय देवता और दंडाधिकारी के नाम से जाना जाता है. माना जाता है शनि हमेशा व्यक्ति को कर्मों के हिसाब से फल प्रदान करते हैं. वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, जब भी शनि राशि परिवर्तन, गोचर या नक्षत्र परिवर्तन करते हैं तो उसका सीधा असर लोगों के जीवन और देश-दुनिया पर स्थिति पर पड़ता है.
दरअसल, पंचांग के मुताबिक, शनिदेव 3 अक्टूबर को पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे. शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन पूरे 27 साल बाद होने जा रहा है. शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव कुछ राशियों के लिए नकारात्मक रूप से पड़ेगा. तो चलिए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
मेष- मेष राशि के जातकों को इस दौरान गुस्से से बचना होगा. कामकाज में रुकावट आ सकती है. योजना में देरी हो सकती है. मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है. इस समय धैर्य रखें. कोई बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें.
कर्क- कर्क राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने का है. निवेश करने से पहले सोच-समझकर कदम उठाएं, वरना नुकसान हो सकता है. पारिवारिक रिश्तों में भी तनाव आ सकता है. छोटी-छोटी बातों पर तकरार से बचें और शांति बनाए रखें.
तुला- तुला राशि के जातकों के करियर में उतार-चढ़ाव आने की संभावना है. कार्यक्षेत्र में मेहनत ज्यादा करनी होगी लेकिन परिणाम तुरंत नहीं मिलेंगे. इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर भी सावधान रहें.
मकर- मकर राशि के लोगों को यह समय थोड़ा संभलकर निकालना होगा. नौकरी और बिजनेस में परेशानी आ सकती है. सहकर्मियों से मतभेद या काम में देरी की संभावना है. घर-परिवार में भी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे मानसिक दबाव रह सकता है.

























































