नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर झुकने से साफ इनकार कर दिया है. बुधवार को मीडिया से बात करते हुए चव्हाण ने दो टूक कहा, ‘मैं माफी नहीं मांगूंगा. मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है और खेद जताने की कोई जरूरत नहीं है.’ चव्हाण के इस रुख ने उस आग में घी डालने का काम किया है, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) संसद के चालू सत्र में कांग्रेस को घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है.
क्या कहा था पृथ्वीराज चव्हाण ने?
हाल ही में पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया था कि मई में पाकिस्तान के साथ ऑपरेशन सिंदूर के पहले ही दिन भारत की “हार” हुई थी. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने पहले दिन भारतीय सैन्य विमानों को मार गिराया था, जिसके कारण भारतीय वायु सेना (IAF) पूरी तरह ग्राउंडेड हो गई थी. आज सुबह अपने बयान पर कायम रहते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं अब और कुछ नहीं कहना चाहता. लेकिन माफी नहीं मांगूंगा. इसकी कोई जरूरत नहीं है.’
‘सेना का अपमान कांग्रेस की पहचान’
चव्हाण के इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भाजपा नेताओं ने इसे ‘राष्ट्रविरोधी’ और ‘पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा’ को बढ़ावा देने वाला बताया है.
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘सेना का अपमान करना कांग्रेस का हॉलमार्क बन गया है. यह सिर्फ चव्हाण का बयान नहीं है, यह राहुल गांधी की मानसिकता को दर्शाता है. यही कारण है कि पार्टी ऐसे नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं करती.’

























































