• Latest
  • Trending
  • All
  • News
  • Business
  • Politics
  • Science
  • World
  • Lifestyle
  • Tech
trade

वैश्विक स्तर पर युद्ध के बदलते स्वरूप!

January 23, 2026
railway

ट्रेन कैंसिल होने पर टिकट का पैसा कैसे मिलेगा वापस? जानें रेलवे के नियम

October 21, 2026
Moringa

मोरिंगा का काढ़ा कैसे बनाएं? जानिए काढ़ा पीने के फायदे

October 21, 2026
passwords

OTP और Passkey में क्या अंतर है? अकाउंट की सुरक्षा कैसे होती है बेहतर

October 21, 2026
loan

होम लोन लेने से पहले समझें क्या होती है Margin Money, घर खरीदते समय जेब से कितना करना होगा खर्च?

October 21, 2026
sharad purnima

शरद पूर्णिमा की पूजा में भूलकर भी न करें इन चीजों का इस्तेमाल, रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी!

October 21, 2026
vande bharat

वंदे भारत में AI जांचेगा सफाई, गंदगी मिली तो 2 घंटे में होगा एक्शन

October 20, 2026
Gold and Silver

सोने-चांदी में शानदार तेजी, एक साल में चांदी ने सोने को पछाड़ा; दिया 45% रिटर्न

October 20, 2026
rohit kohli

रोहित-कोहली का दौर खत्म होने के बाद कौन?

October 20, 2026
aadhaar app

आधार मिसयूज कि टेंशन खत्म, नए ऐप में एक टैप से करें सिक्योर

October 20, 2026
धनिष्ठा नक्षत्र

धनिष्ठा नक्षत्र में इन उपायों से दूर होंगी जीवन की परेशानियां?

October 20, 2026
पूर्णाहुति में नारियल

पूर्णाहुति में नारियल क्यों चढ़ाते हैं, न हो तो क्या अधूरी रह जाती है पूजा?

October 19, 2026
Navaratri

नवरात्र : भारत में आस्था, भक्ति, शक्ति और संस्कृति के विविध रंगों का उत्सव

October 19, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Thursday, October 22, 2026
  • Login
अनंत चतुर्दशी पर बुधादित्य योग, जानें इस दिन क्या उपाय करें
  • Home
    • Home – Layout 3
  • News
    • All
    • Business
    • National
    • Politics
    • Science
    • State
    • World
    railway

    ट्रेन कैंसिल होने पर टिकट का पैसा कैसे मिलेगा वापस? जानें रेलवे के नियम

    loan

    होम लोन लेने से पहले समझें क्या होती है Margin Money, घर खरीदते समय जेब से कितना करना होगा खर्च?

    vande bharat

    वंदे भारत में AI जांचेगा सफाई, गंदगी मिली तो 2 घंटे में होगा एक्शन

    Gold and Silver

    सोने-चांदी में शानदार तेजी, एक साल में चांदी ने सोने को पछाड़ा; दिया 45% रिटर्न

    India-France

    फ्रांस से क्या-क्या खरीदता है भारत, उसे क्या बेचता है?

    Dussehra

    भारत में ही नहीं इन देशों में भी बड़े स्तर पर मनाया जाता है दशहरा!

    प्रसिद्ध रामचंडी मंदिर

    ओडिशा के इस मंदिर में 16 दिनों की होती है नवरात्र, जानें पौराणिक मान्यताएं

    neet paper leak

    ओडिशा दरोगा पेपर लीक: भर्ती बोर्ड के अधिकारियों पर भी ईडी की नजर

    Election Commission

    चुनाव आयोग के एक फैसले को कांग्रेस क्यों बता रही अपनी जीत?

    economy

    भारत को अपना लक्ष्य पाने के लिए कितनी विकास दर की जरूरत!

    Trending Tags

    • Donald Trump
    • Future of News
    • Climate Change
    • Market Stories
    • Election Results
    • Flat Earth
  • Tech
    • All
    • Apps
    • Mobile
    • Startup
    passwords

    OTP और Passkey में क्या अंतर है? अकाउंट की सुरक्षा कैसे होती है बेहतर

    aadhaar app

    आधार मिसयूज कि टेंशन खत्म, नए ऐप में एक टैप से करें सिक्योर

    whatsapp

    5 लाख लोगों ने नकली WhatsApp कर लिया है डाउनलोड, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गलती?

    claude ai

    Claude AI अब भारत में ही प्रोसेस करेगा डेटा, आपकी निजी जानकारी तक पर क्या होगा असर?

    JioHotstar

    JioHotstar पर बिना ऐड के देख सकेंगे मूवी और वेब सीरीज? वायरल हुई ट्रिक

    5G

    5G से जल्दी खत्म होती है बैटरी? बंद करने पर कितना फर्क पड़ेगा

    wi-fi

    घर के लिए सही Wi-Fi Router कैसे चुनें? जानिए

    Type-C

    Type-A या Type-C, किस केबल से जल्दी चार्ज होता है फोन?

    Jio

    5G को लेकर TRAI-Jio आमने सामने, 80% वाले नियमों को लेकर गहमा-गहमी

    screen guard

    कोई भी गार्ड लगाएं नहीं टूटेगा स्क्रीन! सरकार ले आई ऐसा न‍ियम

    Trending Tags

    • Flat Earth
    • Sillicon Valley
    • Mr. Robot
    • MotoGP 2017
    • Golden Globes
    • Future of News
  • Entertainment
    • All
    • Gaming
    • Movie
    • Sports
    rohit kohli

    रोहित-कोहली का दौर खत्म होने के बाद कौन?

    Rinku wins gold

    एशियन पैरा गेम्स: जैवलिन थ्रो एफ46 में भारत का धमाल, रिंकू ने जीता गोल्ड

    पैरा एशियन गेम्स

    पैरा एशियन गेम्स का उद्घाटन: भारतीय जर्सी में दिखी सिंधु घाटी सभ्यता की झलक

    ramayan

    रामायण: मेकर्स प्लान कर रहे 300 पेड-प्रिव्यू शोज! बाकियों से पहले यूं देख पाएंगे यह फिल्म?

    Shubman Gill

    न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टीम की सेलेक्शन की 10 बड़ी बातें!

    बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल

    बॉलीवुड से अलग, दुनिया में नई पहचान बना रहा भारतीय सिनेमा

    cricket india

    हैदराबाद टी20 के बाद पीएम मोदी से मिलने जाएंगे टीम इंडिया के खिलाड़ी, ये है खास वजह

    jailer 2

    हिंदी में भी रिलीज होगी रजनीकांत की ‘जेलर 2’, मेकर्स ने दूर किया कन्फ्यूजन

    hanuman ansh

    नीम करोली बाबा की ‘हनुमान अंश’ ने 10वें शनिवार पैसों का अंबार लगाया

    salman khan

    ‘काला हिरण’ फिल्म पर बढ़ा विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोड्यूसर की अर्जी पर सलमान खान से मांगा जवाब

  • Lifestyle
    • All
    • Fashion
    • Food
    • Health
    • Travel
    Moringa

    मोरिंगा का काढ़ा कैसे बनाएं? जानिए काढ़ा पीने के फायदे

    black rice

    क्या काला चावल वाकई सफेद चावल से बेहतर है? जानिए सब कुछ यहां

    तांबे के लोटे का पानी

    तांबे के लोटे में पीते हैं पानी तो सावधान! ये 2 गलतियां फायदे की जगह शरीर में भर देंगी कॉपर टॉक्सिसिटी

    stomach

    पेट में बनते हैं गैस के गोले, इन आसान घरेलू उपाय से मिल सकता है छुटकारा

    heart attack

    सुबह उठते ही सीने में दर्द को न समझें गैस! हो सकता है हार्ट अटैक का वार्निंग साइन

    turmeric and moringa

    नो केमिकल, बस आयुर्वेद! क्‍यों मह‍िलाओं के स्‍क‍िन केयर प्रोडक्‍ट में बढ़ रहे हल्‍दी-मोर‍िंगा

    apple

    ऐसे खाएं सेब, पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जाएंगे, ये समस्याएं भी होंगी दूर

    अर्जुन की छाल

    अर्जुन की छाल का काढ़ा बनाने का सबसे आसान तरीका, जानिए इसके फायदे 

    Golden Milk

    क्या सच में गुम चोट में काम करता है हल्दी वाला दूध?

    heart attack

    हार्ट अटैक से बचना है तो सिर्फ कोलेस्ट्रॉल नहीं, इन 5 रिस्क फैक्टर्स पर भी रखें नजर

    Trending Tags

    • Golden Globes
    • Mr. Robot
    • MotoGP 2017
    • Climate Change
    • Flat Earth
No Result
View All Result
अनंत चतुर्दशी पर बुधादित्य योग, जानें इस दिन क्या उपाय करें
Home News

वैश्विक स्तर पर युद्ध के बदलते स्वरूप!

by Aam Jan
January 23, 2026
in News, World
0
trade
491
SHARES
1.4k
VIEWS
Share on WhatsappShare on FacebookShare on X

नई दिल्ली: 21वीं सदी में शक्ति संघर्ष का स्वरूप बहुत तेजी से बदल रहा है। अब विभिन्न देशों के बीच संघर्ष, तोप, मिसाईल एवं सेनाओं के माध्यम से नहीं लड़े जा रहे हैं बल्कि तकनीकि उपलब्धता, मुद्रा नियंत्रण, पूंजी प्रवाह, खाद्य सुरक्षा, आकड़ों (डेटा) का संग्रहण, नियम निर्माण को प्रभावित करने की क्षमता एवं वैश्विक आपूर्ति शृंखला को प्रभावित करना, आदि में माध्यम से लड़ा जा रहा है। यह एक ऐसा बहुपरत, निरंतर संस्थागत एवं सूक्ष्म युद्ध का स्वरूप है जो राष्ट्र की आर्थिक सामरिक स्वायत्तता को बिना पारम्परिक लड़ाई के नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह युद्ध वैश्विक बाजारी शक्तियों अर्थात बहुराष्ट्रीय कम्पनियों, वॉल स्ट्रीट पर आधारित वित्तीय नेट्वर्क, डॉलर आधारित भुगतान प्रणाली, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों (विश्व व्यापार संगठन, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक), रेटिंग संस्थानों, बड़े तकनीकि संस्थानों एवं निजी सैन्य परामर्श समूहों द्वारा मिलकर संचालित किया जा रहा है। यह युद्ध एक प्रणाली है एवं यह एक घटना नहीं है।

व्यवस्थित तरीके से लड़े जाने वाले उक्त वर्णित युद्ध में रणनीतिक तंत्र का उपयोग किया जाता है। इस तंत्र के माध्यम से वैश्विक बाजारवादी शक्तियां मिलकर किसी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था, नीति संरचना, मुद्रा, पूंजी प्रवाह, तकनीकि, आपूर्ति शृंखला, खाद्य सुरक्षा एवं सामाजिक धारणा पर लम्बे समय तक अपना प्रभाव एवं नियंत्रण स्थापित कर लेती हैं। यह युद्ध अदृश्य रूप से चलता है एवं किसी को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देता है।

यह युद्ध विभिन्न संस्थानों के माध्यम से लड़ा जाता है एवं इस युद्ध के माध्यम से किसी भी देश की शासन व्यवस्था को भी परिवर्तित किया जा सकता है। हाल ही के समय में उक्त वर्णित अदृश्य युद्ध के माध्यम से बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका आदि देशों में सत्ता परिवर्तन किया गया है। भारत में भी इस तरह के प्रयोग अदृश्य रूप से किए जा रहे हैं परंतु भारतीय नागरिकों पर इस चाल को अभी तक कोई असर नहीं हुआ है क्योंकि भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे सामाजिक संगठन नागरिकों के बीच अपनी प्रभावी भूमिका निभाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपए की कीमत को कम करने के भरसक प्रयास हो रहे हैं। भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों द्वारा भारी मात्रा में अपना निवेश लगातार निकाला जा रहा है जिससे अमेरिकी डॉलर का भारत से बाहर प्रवाह भारी मात्रा में हो रहा है और भारतीय रुपए पर दबाव बन रहा है। भारत में विभिन्न उत्पादों के होने वाले आयात महंगे हो रहे हैं इससे अंतत: भारत में मुद्रा स्फीति की दर में वृद्धि हो सकती है और भारत के नागरिकों में वर्तमान सत्ता के विरुद्ध असंतोष का भाव जाग सकता है। परंतु केंद्र सरकार की नीतियों के चलते अभी तक मुद्रा स्फीति की वृद्धि दर पर नियंत्रण बनाए रखने में सफलता मिली है एवं भारतीय खुदरा निवेशकों, म्यूचूअल फण्ड एवं देशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में पर्याप्त मात्रा में अपना निवेश बढ़ाया है इससे भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट को सफलतापूर्वक रोका जा सका है।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा फेड रेट (अमेरिकी ब्याज दर) में वृद्धि करने से भी अमेरिकी डॉलर अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत होता है क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि होने से वैश्विक स्तर पर आर्थिक क्षेत्र में उभर रही अर्थव्यवस्थाओं से अमेरिकी डॉलर का निवेश निकल कर अमेरिका की ओर आकर्षित होने लगता है। इससे भी इन देशों की मुद्राओं पर दबाव निर्मित होने लगता है। अतः ब्याज दरों में वृद्धि को भी एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। तीसरे हथियार के रूप में किसी भी देश की मुद्रा को SWIFT जैसे भुगतान नेट्वर्क से अलग कर दिया जाना है।

इस निर्णय से सम्बंधित देश की मुद्रा का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेनदेन विपरीत रूप से प्रभावित होने लगता है। जैसे रूस की मुद्रा रूबल के साथ हाल ही के समय में हुआ था। उक्त समस्त निर्णयों से किसी भी देश की मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर किया जा सकता है इससे उस देश में उत्पादों के आयात महंगे हो सकते हैं, उस देश पर विदेशी कर्ज का भार बढ़ सकता है एवं उस देश का आर्थिक विकास प्रतिबंधित हो सकता है। यह युद्ध संरचनात्मक अधीनता पैदा करता है।

इसी तरह का दबाव कुछ देशों पर तब डाला जाता है जब वे किसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान (विश्व बैंक, अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष, रेटिंग संस्थान) से ऋण लेने का प्रयास करते हैं। इन संस्थानों द्वारा इन देशों पर टैक्स की दरें बढ़ाने, अपने खर्चों पर नियंत्रण स्थापित करने, राजस्व सम्बंधी निर्णयों पर अपनी नीति थोपने, उस देश के ऊर्जा, बंदरगाह एवं खनन क्षेत्रों का निजीकरण करने के प्रयास करना एवं इसके मध्यम से उस देश में चुपचाप शासन परिवर्तन के प्रयास करना भी शामिल हैं। इन संस्थानों से कर्ज लेना आधुनिक गुलामी का सबसे व्यवस्थित मॉडल बन पड़ा है।

इसके साथ ही, विभिन्न देशों के साथ व्यापार युद्ध भी छेड़ा जाता है। जैसे, अमेरिका द्वारा ब्रिक्स (भारत, चीन, रूस, ब्राजील) पर 500 प्रतिशत का टैरिफ लगाने के प्रयास करना भी इन देशों के विरुद्ध एक शद्म युद्ध छेड़ने जैसा ही निर्णय है। इन्हीं उपायों में कुछ देशों को निर्यात प्रतिबंधित करना भी इसी नीति का एक हिस्सा है। जैसे, अमेरिका एवं चीन द्वारा अन्य देशों को सेमीकंडक्टर, चिप एवं 5G के उपकरण के निर्यात करने पर रोक लगाई गई थी ताकि प्रभावित किये जाने वाले देशों में इन तकनीकी का उपयोग असम्भव हो सके और इन देशों का विकास रुक जाए। इसी प्रकार के प्रयासों में किसी देश के कृषि क्षेत्र की नीतियों को प्रभावित कर उस देश में खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को कम करना भी शामिल है ताकि उस देश के नागरिक अपने देश की सरकार के खिलाफ उठ खड़े हों। जैसे हाल ही में अमेरिका द्वारा भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को सम्पन्न करने के लिए भारत पर दबाव बनाया जा रहा है कि भारत अपने कृषि एवं डेयरी क्षेत्र को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल दे।

इससे अमेरिकी उत्पाद सस्ती दरों पर भारत में उपलब्ध हो जाएंगे एवं भारत के किसानों द्वारा उत्पादित खाद्य पदार्थ सस्ते अमेरिकी उत्पादों की स्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे। इससे भारतीय कृषि एवं डेयरी क्षेत्र बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा और भारतीय किसान, सरकार के विरुद्ध उठ खड़ा होगा। कुल मिलाकर इस तरह के प्रयास उभरती अर्थव्यवस्थाओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित करने के लिए भी किए जाते हैं ताकि यह देश विभिन्न उत्पादों का उत्पादन अपने देश में नहीं कर सकें एवं इसके लिए अन्य देशों से आयात पर इनकी निर्भरता बढ़ जाए।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र को प्रभावित करते हुए भी कुछ देश उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को दबाव में लाने का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, तकनीकी आज का नया परमाणु हथियार है। आरटीफिशीयल इंटेलिजेन्स, क्वांटम, सेमीकंडक्टर, साइबर आदि भी आज, युद्ध के क्षेत्र बन चुके हैं। अमेरिका ने चीन को किए जाने वाले चिप के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, इससे जिन उत्पादों के निर्माण में चिप का प्रयोग होता है उन उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसी प्रकार, अमेरिका द्वारा भारत पर डाटा नियंत्रण हेतु दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पैटेंट एवं लायसेंसिंग पर नियंत्रण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी कम्पनियों द्वारा नागरिक डाटा का दुरुपयोग किया जाना भी इसी युद्ध कला का एक हिस्सा है।

पूरे विश्व में फैली कोविड महामारी के पश्चात वैश्विक आपूर्ति शृंखला एक भूराजनैतिक हथियार बन चुकी है। उदाहरण के लिए फार्मा क्षेत्र में उपयोग होने वाले कच्चे माल को चीन नियंत्रित करता है। इसी प्रकार, मूल्यवान खनिज पदार्थों के 90 प्रतिशत भाग के उत्पादन पर चीन का कब्जा है। खाद्य तेल की आपूर्ति पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का नियंत्रण है। समुद्री मार्गों पर कुछ देशों का कब्जा है, जो कई बार इस सम्बंध में अंतरराष्ट्रीय कानूनों को मानने से इंकार कर देते हैं। इस तरह के व्यवहार से तेजी से विकास कर रही अर्थव्यवस्थाएं निर्भरता की कैद में धकेल दी जाती हैं।

आजकल झूठे विमर्श गढ़ने का कार्य भी बड़े जोरों पर किया जा रहा है। इसे बौद्धिक युद्ध की श्रेणी में रखा जा सकता है, जो प्रायः वैश्विक मीडिया द्वारा लड़ा जा रहा है। गैरसरकारी संस्थान (NGO) एवं थिंक टैंक, एक संगठित नरेटिव इको सिस्टम बनाते हैं। जैसे, भारत के संदर्भ में गढ़े जाने वाले कुछ झूठे विमर्शों में शामिल हैं – भारतीय किसान अक्षम हैं, भारत के स्थानीय बीज पोषणहीन हैं, भारत का देशी खाद्य मॉडल पिछड़ा है, ब्रिक्स राजनैतिक रूप से अस्थिर देशों का संगठन है, डीडोल्लराईजेशन एक असम्भव कार्य है।

कुल मिलाकर उक्त वर्णित शद्म युद्ध का प्रमुख उद्देश्य अन्य देशों का मानसिक एवं बौद्धिक उपनिवेशीकरण करना है। इसके अंतर्गत, इन देशों के नीति निर्धारण पर अपना आधिपत्य स्थापित करना है। इन देशों द्वारा किस प्रकार के उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा (बीज से लेकर दवा तक) एवं इसके आपूर्ति बाजार पर अपना नियंत्रण स्थापित करना है। साथ ही, देश के मुद्रा बाजार पर नियंत्रण स्थापित करना है ताकि उस देश की मुद्रा अमेरिकी डॉलर पर निर्भर हो जाए।


प्रहलाद सबनानी

SendShare196Tweet123
Aam Jan

Aam Jan

railway

ट्रेन कैंसिल होने पर टिकट का पैसा कैसे मिलेगा वापस? जानें रेलवे के नियम

October 21, 2026
Moringa

मोरिंगा का काढ़ा कैसे बनाएं? जानिए काढ़ा पीने के फायदे

October 21, 2026
passwords

OTP और Passkey में क्या अंतर है? अकाउंट की सुरक्षा कैसे होती है बेहतर

October 21, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

Copyright © 2025 Aam Jan News.

No Result
View All Result
  • Home
  • News
    • Politics
    • Business
    • World
    • Science
  • Entertainment
    • Gaming
    • Music
    • Movie
    • Sports
  • Tech
    • Apps
    • Gear
    • Mobile
    • Startup
  • Lifestyle
    • Food
    • Fashion
    • Health
    • Travel

Copyright © 2025 Aam Jan News.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In