नई दिल्ली: माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को है. माघ महीने में सबसे अहम तिथि मानी जाती है पूर्णिमा. पुराणों के अनुसार माघ पूर्णिमा पर भगवान विष्णु जल में निवास करते है. इस उपवास में जल, फल, दुध से बने सात्विक पदार्थों का सेवन किया जाता है. वहीं पूर्णिमा व्रत करने वालों को अनाज, मसाले, तम्बाकू, चाय-कॉफी आदि तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए. एक समय ही फलाहार करें. बार-बार मुंह झूठा न करें. इससे व्रत टूट सकता है.
माघ पूर्णिमा पर क्या दान करें
माघ पूर्णिमा पर तिल, गुण, वस्त्र, घी, गाय, अन्न, धन आदि का दान करना चाहिए. मान्यता है कि माघी पूर्णिमा पर इन चीजों का दान करने पर तमाम तरह के दोष दूर होते हैं. जीवन में दरिद्रता, कष्ट और अभाव दूर होते हैं.
माघ पूर्णिमा पूजा विधि
- माघ पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए.
- अगर नदी स्नान संभव नहीं हो तो घर में गंगाजल मिलाकर स्नान करें.
- इस दिन पीले वस्त्र धारण करें. घर में सत्यनारायण कथा करें.
- विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. विष्णु जी को पीले फूल, तुलसी दल और दीपक अर्पित करना शुभ माना जाता है.
माघ पूर्णिमा 2026 स्नान मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 5.24 मिनट से लेकर सुबह 6.17 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12.13 मिनट से लेकर 12.57 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 5.58 मिनट से लेकर शाम 6.24 बजे तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 2.23 मिनट से लेकर दोपहर 3.07 मिनट तक

























































