नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हो गई है। गैस सप्लाई में संभावित रुकावट की खबरों ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच भी चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, भारत सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह चाक-चौबंद है। घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारत के पास न केवल ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, बल्कि सप्लाई चैन को निर्बाध रखने के लिए ‘प्लान-बी’ पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी। आजकल हम जिस दौर में जी रहे हैं, वहां सूचनाओं का आदान-प्रदान बिजली की गति से होता है। लेकिन इस सुविधा के साथ एक बड़ी समस्या भी जुड़ी है’अफवाहें’। पिछले कुछ दिनों में ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर कई तरह की बातें फैलाई जा रही हैं।
इन खबरों के कारण कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं और लोगों में एक अनजाना डर बैठ गया कि कहीं आने वाले दिनों में गाड़ियां खड़ी न हो जाएं। लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। सरकार और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी प्रमुख तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
सरकार के पास पर्याप्त ईंधन
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि भारत के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हमारे देश की तेल कंपनियाँ और रिफाइनरियां दिन-रात काम कर रही हैं ताकि हर शहर, हर गांव और हर पेट्रोल पंप तक तेल की पहुंच बनी रहे। जो लोग यह कह रहे हैं कि सप्लाई रुकने वाली है या स्टॉक खत्म हो गया है, वे केवल भ्रम फैला रहे हैं। अक्सर ऐसी अफवाहें तब शुरू होती हैं जब किसी एक क्षेत्र में लॉजिस्टिक या ट्रांसपोर्ट की छोटी-मोटी समस्या आती है, जिसे लोग बढ़ा-चढ़ाकर पूरी देश की समस्या बता देते हैं। वास्तविकता यह है कि तेल की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह से सुरक्षित और सक्रिय है।
अफवाहों का सबसे बुरा असर यह होता है कि लोग ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) करने लगते हैं। जब लोग यह सुनते हैं कि कल पेट्रोल नहीं मिलेगा, तो वे अपनी जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने के लिए पंपों पर टूट पड़ते हैं। इससे उन लोगों को परेशानी होती है जिन्हें वास्तव में तुरंत ईंधन की जरूरत है, जैसे एम्बुलेंस, डॉक्टर या जरूरी सेवाओं से जुड़े लोग। बेवजह की भीड़ पंपों पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था का कारण बनती है, जिससे आम जनता को ही असुविधा होती है। इसलिए, यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम संयम से काम लें और केवल उतना ही ईंधन लें जितनी हमें आवश्यकता है।
BPCL और अन्य सरकारी तेल कंपनियों ने जनता को भरोसा दिलाया है कि वे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनके सभी डिपो और टर्मिनल सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। अगर कहीं किसी पंप पर अस्थायी रूप से तेल खत्म भी होता है, तो वह केवल स्थानीय मांग में अचानक आए उछाल के कारण होता है, न कि देश में तेल की कमी की वजह से। ऐसी स्थिति में टैंकरों के माध्यम से जल्द ही पुनः आपूर्ति कर दी जाती है।

























































