नई दिल्ली। हिंदू धर्म में संध्या काल यानी सूर्यास्त के समय को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। यह दिन और रात के मिलन का समय होता है, जिसे आध्यात्मिक ऊर्जा के संचार का समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय ही माता लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और जिस घर में पवित्रता व शांति होती है, वहां वास करती हैं। हालांकि, अनजाने में हम शाम के समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो वास्तु दोष का कारण बनती हैं और दरिद्रता को बुलावा देती हैं। अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो अपनी इन आदतों को आज ही सुधार लें।
संध्या काल में भूलकर भी न करें ये काम
मुख्य द्वार पर अंधेरा रखना
शाम के समय घर के मुख्य द्वार और मंदिर में अंधेरा रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। सूर्यास्त होते ही घर की लाइटें जला दें और मुख्य द्वार पर एक दीपक जरूर रखें। जिस घर में शाम को अंधेरा रहता है, वहां नकारात्मक शक्तियों का वास होने लगता है और लक्ष्मी जी लौट जाती हैं।
देहरी पर बैठना
पुराने समय में बुजुर्ग हमेशा टोकते थे कि शाम के समय घर की चौखट पर नहीं बैठना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, संध्या काल में देहरी पर बैठना या वहां खड़े होकर भोजन करना साक्षात दरिद्रता को निमंत्रण देना है। यह स्थान राहु का माना जाता है, इसलिए इसे खाली और साफ रखना चाहिए।
दूध, दही और नमक का दान
सूर्यास्त के बाद घर से सफेद चीजें जैसे दूध, दही या नमक किसी को उधार या दान में नहीं देनी चाहिए। सफेद वस्तुओं का संबंध शुक्र और चंद्रमा से है, जो धन और मानसिक शांति के कारक हैं। शाम को इनका दान करने से घर की बरकत चली जाती है।
सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना
अगर आप शाम ढलने के बाद घर में झाड़ू लगाते हैं, तो आप अपनी सुख-समृद्धि को घर से बाहर धकेल रहे हैं। शाम को झाड़ू लगाने से धूल के साथ सकारात्मक ऊर्जा भी बाहर निकल जाती है। अगर आप सफाई जरूरी हो, तो कचरे को घर से बाहर न फेंकें।
शाम को सोना
जो व्यक्ति शाम के समय सोता है, उसका भाग्य भी सो जाता है। यह समय सोने का नहीं बल्कि ध्यान और पूजा-पाठ करने का है। साथ ही, शाम को घर में रोना या कलेश करना बहुत अशुभ होता है, इससे घर की उन्नति रुक जाती है।
सुख-समृद्धि के लिए क्या करें?
शाम के समय कपूर जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। इससे दिनभर की नकारात्मकता समाप्त होती है। साथ ही, तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना सौभाग्य लेकर आता है।

























































