नई दिल्ली। चिलचिलाती गर्मी में लोगों की सबसे बड़ी परेशानी अब पेट से जुड़ी समस्याएं बनती जा रही हैं. एसिडिटी, गैस, अपच, दस्त और बार-बार पेट खराब होने जैसी शिकायतें इन दिनों तेजी से बढ़ रही हैं. आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और गलत खानपान के कारण पित्त दोष बढ़ रहा है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित हो रहा है.
गर्मी में ज्यादा पसीना आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. पानी की कमी के साथ शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम होने लगते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ जाता है. इसके अलावा तला-भुना खाना, बाहर का स्ट्रीट फूड और अनियमित भोजन बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. कई शहरों में फूड पॉइजनिंग के मामले भी बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी में पेट को ठंडा रखना बेहद जरूरी है. कुछ घरेलू सुपरफूड्स को नियमित रूप से खाने से पेट से जुड़ी ज्यादातर समस्याओं से राहत मिल सकती है.
ये 5 सुपरफूड्स देते हैं राहत
दही- प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने में मदद करता है और एसिडिटी को कम करता है. गर्मी में रोजाना एक कटोरी सादा दही या छाछ पीने से पाचन बेहतर बना रहता है.
खीरा- करीब 95 प्रतिशत पानी से भरपूर खीरा शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पेट की जलन और सूजन भी कम करता है. डॉक्टर गर्मी में रोज एक या दो खीरे खाने की सलाह देते हैं.
नारियल पानी- नारियल पानी को प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक माना जाता है. इसमें मौजूद पोटैशियम और अन्य मिनरल्स शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं.
तरबूज- गर्मी के मौसम में तरबूज शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ पाचन सुधारने में भी मदद करता है. दोपहर के समय तरबूज खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी कम होती है.
पुदीना- पुदीने में मौजूद मेंथॉल पेट की मांसपेशियों को आराम देता है. इससे गैस और ब्लोटिंग की समस्या कम होती है. पुदीने का इस्तेमाल छाछ, नींबू पानी या चटनी के रूप में करना फायदेमंद माना जाता है.
विशेषज्ञों की आम सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. मसालेदार, तला-भुना और बाहर का खाना कम से कम खाना चाहिए. भोजन समय पर करें और रात में हल्का भोजन लें. अगर दस्त, उल्टी या पेट में तेज दर्द जैसी परेशानी हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुपरफूड्स को रोजमर्रा की डाइट में शामिल करने से पेट की गर्मी नियंत्रित रहती है और शरीर में ऊर्जा भी बनी रहती है. डॉक्टरों की सलाह है कि दवा लेने से पहले खानपान सुधारने पर ध्यान देना चाहिए और प्राकृतिक चीजों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए.
























































