नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 क्रिकेट लीग यानी आईपीएल में एक रवायत है कि जो टीम फाइनल जीतती है, उसे अगले साल अपने होम ग्राउंड पर फाइनल मैच की मेजबानी करने का मौका मिलता है। इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आईपीएल की डिफेंडिंग चैंपियन है, लेकिन आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला उनके होम ग्राउंड बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में नहीं खेला जाएगा। इसके पीछे का कारण क्या है कि आखिर बेंगलुरु से फाइनल की मेजबानी क्यों छिनी है? इसके बारे में जान लीजिए और ये भी जान लीजिए कि इस बार बीसीसीआई ने दो की जगह तीन शहरों को प्लेऑफ्स की मेजबानी के लिए क्यों चुना है?
दरअसल, बीसीसीआई ने बुधवार 6 मई को आईपीएल 2026 के प्लेऑफ्स के मैचों के शेड्यूल का ऐलान किया है, जिसमें दो क्वालीफायर, एक एलिमिनेटर और फाइनल मुकाबला शामिल है। हम देखते हुए आए हैं कि आईपीएल में प्लेऑफ्स दो ही शहरों में आयोजित होते हैं, लेकिन इस बार तीन शहरों को चार मैचों की मेजबानी दी गई है। इनमें धर्मशाला, चंडीगढ़ और अहमदाबाद शामिल हैं। आमतौर पर क्वालीफायर 1 और एलिमिनेटर एक शहर में आयोजित होता है और क्वालीफायर 2 और फाइनल किसी अन्य शहर में आयोजित होता है, लेकिन 2026 के सीजन के साथ ऐसा नहीं है।
बीसीसीआई ने ऐसा करने के पीछे स्पेशल केस बताया है। बीसीसीआई ने जो मीडिया रिलीज जारी की है। उसमें बताया है कि कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक वजहों से, IPL 2026 प्लेऑफ्स के मुकाबले तीन जगहों पर आयोजित होंगे, जो कि एक स्पेशल केस है। प्लेऑफ्स के मैचों के लिए वैसे भी पिछले साल की फाइनलिस्ट को तवज्जो दी जाती है। इस बार भी ऐसा ही कुछ है, लेकिन पिछले साल फाइनल हारने वाली टीम के तीन प्लेऑफ्स के मैच आयोजित करने का मौका मिल रहा है।
बेंगलुरु में होना था फाइनल
वहीं, बेंगलुरु जो फाइनल की मेजबानी का अधिकार रखता था, उसको लेकर बोर्ड ने बताया है कि बेंगलुरु को शुरू में फाइनल होस्ट करने के लिए चुना गया था, लेकिन लोकल एसोसिएशन और अधिकारियों की कुछ जरूरतों की वजह से फाइनल की जगह बदल दी गई है। बोर्ड ने बताया है कि ये मांगे BCCI की तय गाइडलाइंस और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं। इस वजह से अहमदाबाद को फाइनल के लिए चुना गया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कर्नाटक के विधायक मांग कर रहे थे कि उन्हें हर मैच के लिए 5 टिकट दी जाएं। बाद में 3 टिकटें उनको देने का फैसला डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने किया। प्लेऑफ्स के मैचों में भी यही डिमांड थी। ऐसे में बोर्ड ने वहां से मैच की मेजबानी ही छीन ली।

























































