भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘ओडिशा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नीति-2026’ अधिसूचित कर दी है।
नई नीति के तहत पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा और लोगों को सस्ता व स्वच्छ ईंधन उपलब्ध हो सकेगा।
सरकार ने नीति के क्रियान्वयन के लिए आवासन एवं शहरी विकास विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति तथा जिलाधीशों की निगरानी में जिला स्तरीय समितियां गठित की गई हैं।
इन समितियों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी मंजूरी देने का अधिकार रहेगा, जिससे पाइपलाइन और गैस नेटवर्क बिछाने की प्रक्रिया तेज होगी।
31 मार्च 2027 तक शुल्क माफ
नई नीति के तहत सीजीडी परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए सभी अनुमति और निरीक्षण शुल्क 31 मार्च 2027 तक माफ कर दिए गए हैं।
सरकार ने आवेदन मिलने के सात कार्यदिवस के भीतर मंजूरी देने का लक्ष्य तय किया है। वहीं, 30 दिनों तक कोई निर्णय नहीं होने पर आवेदन स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
पांच बड़ी कंपनियां करेंगी निवेश
राज्य में गैस आधारभूत ढांचे के विकास के लिए गेल, गेल गैस, बीपीसीएल, अडानी और मेघा गैस जैसी कंपनियों की ओर से करीब 5100 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने के साथ शहरी विकास को भी गति मिलेगी।
सरकारी जमीन पर मिल सकेगी लीज
नीति के अनुसार सिटी गेट स्टेशन और सीएनजी स्टेशन स्थापित करने के लिए सरकारी जमीन 30 साल की लंबी लीज पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में निजी बसों और शैक्षणिक संस्थानों को अगले दो वर्षों में सीएनजी अपनाना अनिवार्य होगा।
9 लाख पीएनजी कनेक्शन का लक्ष्य
सरकार ने राज्य में नौ लाख से अधिक घरेलू पीएनजी कनेक्शन और 271 सीएनजी स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। पीएनजी और सीएनजी सेवाओं को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है, ताकि आपात स्थिति में भी आपूर्ति बाधित न हो। सरकार का मानना है कि नई नीति से प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

























































