नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के ‘मिस्टर 360’ सूर्यकुमार यादव के लिए समय का पहिया बहुत तेजी से घूम रहा है. एक तरफ जहां उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को 2025 एशिया कप और 2026 टी20 वर्ल्ड कप का ऐतिहासिक ताज पहनाया, वहीं दूसरी तरफ अब उनकी खुद की कुर्सी खतरे में है. बीसीसीआई (BCCI) के गलियारों से खबर आ रही है कि सूर्या से कप्तानी छीनी जा सकती है. अपनी कप्तानी में जीत का शानदार प्रतिशत (76.92%) होने के बावजूद, सूर्या ने अपनी फॉर्म और फिटनेस से ‘खुद के पैर पर कुल्हाड़ी’ मार ली है. आइए जानते हैं वो 5 बड़ी वजहें, जिनसे सूर्या की कप्तानी जाना तय माना जा रहा है.
दरअसल, बीसीसीआई 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप 2028 की तैयारी में जुट गया है. सूर्या की बढ़ती उम्र और गिरती फॉर्म को देखते हुए बोर्ड एक लंबे समय के विकल्प की तलाश में है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि श्रेयस अय्यर कप्तानी की रेस में सबसे आगे हैं, जिन्होंने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए शानदार कप्तानी की है. वो इससे पहले 2025 के सीजन में पंजाब किंग्स को फाइनल में ले गए थे और उससे पहले 2024 में केकेआर को चैंपियन बनाया था.
कप्तान बनने के बाद बैटिंग करना भूले सूर्या!
आंकड़े गवाह हैं कि जब से सूर्या को टी20 टीम की कमान सौंपी गई है, तब से उनकी बल्लेबाजी का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है. कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद से सूर्या ने 45 मैचों में केवल 932 रन बनाए हैं. आईपीएल 2026 में सूर्या पूरी तरह से फ्लॉप हैं. वो मुंबई के लिए इस सीजन अब तक 10 मैचों में 19.50 की औसत से 195 रन बना पाए हैं. नीचे हमने वो 5 बड़ी वजहें दी हैं, जो सूर्या की कप्तानी छिनने की वजह बन सकती हैं.
बड़े टूर्नामेंट्स में फ्लॉप रहे सूर्या
सूर्यकुमार यादव एशिया कप 2025 और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतने वाले कप्तान हैं, लेकिन इन दोनों ही टूर्नामेंट में उनका बल्ला खामोश रहा था. सूर्या ने एशिया कप 2025 की 6 पारियों में 18 की औसत से कुल 72 रन किए थे, जबकि टी20 विश्व कप 2026 में 9 पारियों में सिर्फ 252 रन बनाए थे. उनका औसत 30.25 का था. सूर्या ने अमेरिका के खिलाफ 84 रनों की बड़ी पारी के अलावा कोई बड़ी इनिंग नहीं खेली थी.
बड़ी टीमों के खिलाफ फ्लॉप रहे सूर्या
एक कप्तान के तौर पर आपको बड़े मैचों में फ्रंट से लीड करना होता है, लेकिन सूर्या यहीं चूके हैं. इंग्लैंड, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ 19 पारियों में सूर्या के बल्ले से सिर्फ 197 रन निकले हैं. इसके विपरीत न्यूजीलैंड, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे जैसी टीमों के खिलाफ केवल 11 पारियों में उनके 392 रन हैं.
कप्तान बनने के बाद औसत और स्ट्राइक रेट गिरा
कप्तानी मिलने से पहले सूर्या ने 43.60 की औसत और 168.75 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे. उन्होंने 20 अर्धशतक और 4 शतक भी लगाए थे, लेकिन कप्तानी मिलने के बाद सूर्या का प्रदर्शन तेजी से गिरा है. उनका औसत गिरकर 25.88 रह गया है, जबकि स्ट्राइक रेट भी 152.03 पर आ गया है. इसका मतलब ये है कि औसत में 17.72 की गिरावट आई है, जबकि स्ट्राइक रेट में 16.72 की कमी दर्ज हुई है. ये आंकड़े बताते हैं कि कप्तानी के दबाव में सूर्या अपनी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी लगभग भूल चुके हैं.
कप्तान बनने के बाद एक भी शतक नहीं आया
हैरान करने वाली बात ये है कि कप्तान बनने से पहले जहां उन्होंने 4 शतक मारे थे, वहीं कप्तानी मिलने के बाद सूर्या के बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला. उनके बल्ले से सिर्फ 6 अर्धशतक आए हैं.
क्रीज पर वक्त भी नहीं बिता पा रहे सूर्या
कप्तान बनने से पहले सूर्यकुमार यादव हर पारी में औसतन 22 गेंदें खेलते थे, जो अब घटकर 17 गेंदें रह गई हैं. वह क्रीज पर ज्यादा समय नहीं बिता पा रहे हैं, जो टीम की बल्लेबाजी की गहराई के लिए चिंता का विषय है.
सूर्या के खेल की सबसे बड़ी ताकत उनकी कलाइयों का जादुई इस्तेमाल है, लेकिन कलाई की चोट ने पिछले 1 साल से उनके सिग्नेचर शॉट्स (जैसे लैप शॉट और स्कूप शॉट) पर ब्रेक लगा दिया है. बीसीसीआई अब किसी ऐसे खिलाड़ी को कमान सौंपना चाहता है, जो पूरी तरह फिट हो और मैदान पर 100 प्रतिशत दे सके.
सूर्यकुमार यादव का टी20 इंटरनेशनल करियर कैसा है?
सूर्या भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में अब तक 113 मैच खेल चुके हैं. 107 पारियों में 36.35 की औसत और 162.94 के स्ट्राइक रेट से वो 3272 रन बना चुके हैं, जिनमें 4 शतक और 25 अर्धशतक शामिल हैं.

























































