नई दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर रहे. सबसे पहले अमित शाह ने रायपुर में डायल 112 की 400 नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. अमित शाह ने कहा कि रायपुर से लेकर बस्तर तक में स्वास्थ्य सेवाओं को चाक चौबंद किया जा रहा है. अमित शाह ने इस मौके पर 33 मोबाइल फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का भी उद्घाटन किया. अमित शाह ने बस्तर की विश्व प्रसिद्ध इमली का भी स्वाद चखा. जवानों से संवाद करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं गर्व के साथ बस्तर की धरती से कह रहा हूं कि भारत नक्सल मुक्त हो चुका है.
नेतानार गांव पहुंचे अमित शाह
रायपुर में डायल 112 वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद अमित शाह सीधे बस्तर पहुंचे. जगदलपुर एयरपोर्ट पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किया. नेतानार गांव में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि बस्तर में जो बदलाव होना चाहिए था, अब वो दिखाई देने लगा है. इस मौके पर नेतानार गांव की एक महिला से भी अमित शाह ने संवाद भी किया. महिला ने गोंडी भाषा में कहा कि पहले बस्तर में डर और भय का माहौल हुआ करता था. अब डर और भय खत्म हो चुका है. महिला ने बताया कि उसके गांव में बिजली आ गई है.
बस्तर में बुनियादी सुविधा का ढांचा किया जाएगा डेवलप
नेतानार की जनता से बात करते हुए अमित शाह ने कहा,बस्तर में हम बुनियादी सुविधाओं को डेवलप करने का काम कर रहे हैं. बस्तर के हर कोने तक विकास हो इसके लिए काम किया जा रहा है. अमित शाह ने कहा कि पहले माओवादी विकास की राह में रोड़ा बने हुए थे. स्कूल, अस्पताल और रोड तीनों को बमों से उड़ा देते थे. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. नक्सलवाद के खात्मे के बाद इन तीनों क्षेत्रों में विकास का काम तेजी हो रहा है. बस्तर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है. बस्तर के लोगों को वो सभी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी जिसके वो हकदार हैं. शाह ने कहा कि अब आपको रायपुर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
रायपुर जैसा बस्तर होगा डेवलप
शाह ने कहा कि जिन सुरक्षा कैंपों को जन सुविधा केंद्रों में तब्दील किया जाएगा, वहां से आपको वो तमाम सुविधाएं मिलेंगी, जिसके लिए पहले आपको रायपुर जाना पड़ता था. अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने माओवाद के खिलाफ लड़ाई में नियद नेल्लानार योजना को बड़ा हथियार बनाया. इस योजना के जरिए वो गांव-गांव तक पहुंची, विकास के कामों में तेजी आई. कई हार्डकोर माओवादियों ने विकास के काम से प्रभावित होकर सरेंडर किया. शाह ने कहा कि लोगों को राशन और स्वास्थ्य दोनों की गारंटी शासन की योजनाएं के जरिए दे रहे हैं.
शाह ने किया जनता से वादा
अमित शाह ने अपने नेतानार दौरे पर जनता से वादा किया कि केंद्र और राज्य सरकार बस्तर के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी. राज्य और केंद्र की योजनाओं से जनता को जोड़ा जाएगा. शासन की योजनाएं लोगों तक पहुंचे इसके लिए जन सुविधा केंद्रों को हाईटेक किया जाएगा. राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित तमाम काम बस्तर में होंगे.
रायपुर की तर्ज पर होगा बस्तर का विकास-शाह
अमित शाह ने कहा कि मैं बस्तर के सभी आदिवासियों से वादा करके जा रहा हूं, बस्तर का विकास रायपुर की तर्ज पर होगा. जो काम रायपुर में होता है, वही काम यहां बस्तर में होगा, आपको रायपुर जाने की जरूरत नहीं होगी. ये हमारा उत्तरदायित्व है, जिसे हम पूरा करेंगे.
”बस्तर के विकास के लिए हम प्रतिबद्ध”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर का सर्वांगीण विकास हो इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. अमित शाह ने कहा कि बस्तर की महिलाओं को 2 मवेशी दिए जाने की योजना है ताकि वो दुग्ध पालन के काम में जुड़े. इससे उनको स्वरोजगार भी मिलेगा और डेयरी उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा.
‘उजर बस्तर’ कार्यक्रम में शामिल हुए अमित शाह
‘उजर बस्तर’कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे अमित शाह ने कहा कि जबतक बस्तर का संपूर्ण विकास नहीं होता हम चैन से नहीं बैठेंगे.अमित शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई में शहीद हुए वीर जवानों को भी नमन किया. शाह ने कहा कि बिना सुरक्षाबलों की मेहतन के ये मुकाम पाना मुश्किल था. शाह ने कहा कि मुख्य रूप से डीआरजी और कोबरा बटालियन ने माओवाद के खिलाफ लंबी चली लड़ाई में बड़ी भूमिका अदा की है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता है. शाह ने कहा कि इसके साथ ही सभी सुरक्षा बलों के जवानों की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता.
नक्सली मुठभेड़ में शामिल जवानों ने बताए बस्तर के हालात
नक्सलियों के साथ हुए एनकाउंटर में शामिल रहे जवानों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के सामने बस्तर में हुए मुठभेड़ों के दौरान मिली सफलता और मुश्किलों को लेकर अपने अनुभव साझा किए. जवानों ने बताया कि हमने इस लड़ाई में अपने साथियों को खोया उसके बाद भी सरेंडर करने वाले नक्सलियों को हमने गले लगाया. जवानों ने कहा हिंसा का अंत हो इसके लिए हमने बड़ी कुर्बानी दी है.
महिला डीआरजी जवान ने बताई बसवराजू के साथ हुए एनकाउंटर की कहानी
निकिता प्रधान,डीआरजी, महिला आरक्षक, ने कहा कि अबूझमाड़ अब बदल रहा है. इस बदलाव के पीछे हमारी मेहनत है. हमने बलिदान देकर इस बस्तर को बदला है. मैं तीन से चार एनकाउंटर में शामिल रही हूं. बसवराजू के साथ जो एनकाउंटर हुआ था उसमें भी मैं शामिल रही हूं.
पुलिस प्रोटेक्शन में अब नहीं जाते, खुली हवा में सांस लेते हैं-जानकी
जानकी कवासी, जनपद प्रतिनिधि, जगरगुंडा ने कहा कि मैं मिलमपल्ली से आती हूं. जनप्रतिनिधि निर्वाचित होने के बाद से मैं विकास का काम कर रही हूं. मेरे ससुर को नक्सलियों ने मार दिया था. जिन 76 जवानों की जान माओवादियों ने ली उनके लिए आज भी मेरे आंसू नहीं रुकते हैं. जगरगुंडा जाने के लिए हमें पहले पुलिस की मदद लेनी पड़ती थी. मेरे सामने मेरे देवर और सरपंच को मार डाला गया था. अब हम नक्सलमुक्त चुके हैं. मैं चाहती हूं कि जगरगुंडा को ब्लॉक मुख्यालय बनाया जाए.
तेजी से बदल रहे हालात-समाज प्रमुख
रामजीत रुप, अबूझमाड़िया समाज के प्रमुख ने कहा कि पहले जो हालात थे वो बहुत खराब थे, आज हालात बदल चुके हैं. कई लोग माओवाद के चलते जन्मभूमि छोड़कर चले गए, अब वो वापस लौट रहे हैं. मुझे मुखबिर बताकर तीन दिनों तक नक्सलियों ने पीटा. इसके बाद मैं नारायणपुर आया. पहले बिजली, पानी स्कूल कुछ नहीं था, आज सब फिर से बन रहा है. माओवाद के खात्मे की जो डेडलाइन तय थी, उसपर सरकार खरी उतरी.
जवानों और अफसरों को शाह ने किया सम्मानित
नक्सलवाद के खात्मे में योगदान करने वाले राज्यों के पुलिस अधिकारियों की टीम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया. सम्मानित होने वाली टीमों में छत्तीसगढ़. ओडिशा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड राज्यों के नाम शामिल हैं. केंद्रीय गृहमंत्री ने नक्सल मोर्चे पर तैनात रहे बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, डीआरजी, एसएसबी और एनआईए, एनटीआरओ, एनएचए को भी सम्मानित किया गया. शाह ने पुलिस अफसर विवेकानंद सिन्हा और पी सुंदरराज को भी सम्मानित किया. शाह ने कहा कि इन लोगों ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए बड़ा काम किया है.
सरेंडर माओवादियों से हुई बातचीत का किया जिक्र
उजर बस्तर कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि सरेंडर नक्सलियों ने मुझे बताया कि माओवादी उनको बचपन में ही स्कूल से उठाकर ले गए थे. शाह ने कहा कि बच्चों का जीवन माओवादियों ने हिंसा की आग में झोंककर खराब कर दिया. शाह ने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है और इस ऐतिहासिक पल के लिए कई लोगों ने अपनी जान की बाजी लगा दी, कई शहीद हो गए.
ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट में शामिल रहे जवानों की तारीफ
अमित शाह ने कहा कि कर्रेगुट्टा के पहाड़ पर चलाए गए ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट को कभी नहीं भूला जा सकता. नक्सलियों ने हजारों माइंस वहां बिछाए थे. अगर ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट नहीं हुआ होता तो नक्सल मुक्त भारत बनने में काफी वक्त लगता.
आज हम नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ में खड़े हैं-सीएम
कार्यक्रम में सीएम विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है कि हम सब आज नक्सलमुक्त राज्य में खड़े हैं. बस्तर में नक्सलियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क नहीं बनने दिया. पिछली सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में कोई मदद नहीं की. सरकार बदली तो हमारे जवानों ने बस्तर को नक्सलमुक्त बनाया. योजनाओं और कैंपों के जरिए हमने लोोगं को लाभ पहुंचाने का काम शुरू किया.
अमित शाह ने चखा बस्तर की इमली का स्वाद
बस्तर दौरे पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नेतानार ग्राम में इमली प्रसंस्करण केंद्र में जाकर प्रशिक्षण पा रही स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की. ये भी जाना कि वो कैसे इमली की बिक्री कर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं. शाह ने बस्तर की इमली का स्वाद भी चखा और कहा कि यहां की इमली में बहुत मिठास है. समूह की लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़कर वो सालाना एक लाख तक आय अर्जित कर रही हैं. गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं इमली का प्रसंस्करण करके उच्च गुणवत्ता युक्त इमली पल्प तैयार करती हैं.

























































