ऋषिकेश। विश्व प्रसिद्ध योग नगरी ऋषिकेश में अखिल भारतीय महापौर परिषद (All India Mayors Council) की 117वीं कार्यकारी समिति की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस भव्य अवसर का विधिवत शुभारंभ करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर के विभिन्न शहरों से आए सभी सम्मानित अतिथियों और मेयरों (महापौर) का गर्मजोशी से स्वागत किया।
“शहरों में आकार लेते हैं नागरिकों के सपने और भविष्य”
मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने-अपने शहर के ‘प्रथम नागरिक’ होने के साथ-साथ शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और उनके विश्वास के प्रतिनिधि भी हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा: “आपके द्वारा लिए गए निर्णयों का सीधा प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ता है। यह सत्य है कि हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है, लेकिन हमारे नागरिकों के सपने, उनकी बड़ी आकांक्षाएँ और उनके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाएं शहरों में ही आकार लेती हैं।”
पीएम मोदी का विजन और उत्तराखंड में पर्यटन के नए रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखंड से विशेष लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण पल इस देवभूमि में बिताए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में पर्यटन नए आयाम छू रहा है।
पर्यटन और तीर्थयात्रा के प्रमुख आंकड़े:
चारधाम यात्रा: इस वर्ष यात्रा के महज 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, जो एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
आदि कैलाश: पहले जहां आदि कैलाश में साल भर में सिर्फ 500 लोग आते थे, वहीं अब प्रतिदिन करीब 1000 लोग पहुंच रहे हैं।
मां पूर्णागिरि मंदिर: यहां भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं।
बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।
शहरी विकास: स्मार्ट सिटी से लेकर स्वनिधि योजना तक
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास (Urban Development) के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के माध्यम से लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजना ने गरीबों, रेहड़ी-पटरी वालों और आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया है।
उत्तराखंड में भी इन योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिया जा रहा है। राज्य में ‘अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर’, ‘निराश्रित गौवंश आश्रय योजना’ और ‘एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना’ (ABC) जैसी कई अभिनव पहल शुरू की गई हैं।
“विकसित महानगरों से ही साकार होगा विकसित भारत”
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने इस अवसर पर कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की तर्ज पर हम भी ‘विकसित उत्तराखंड’ को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने के लिए महानगरों को आत्मनिर्भर बनाना, सौर ऊर्जा का उपयोग, उचित कूड़ा प्रबंधन, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और छोटे उद्योगों की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
























































