नई दिल्ली। इंडस वाटर्स ट्रीटी को लेकर पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खाई है. पाकिस्तान ने इस बार मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तक पहुंचाने की कोशिश की. लेकिन वो कहते हैं ना कि झूठ ज्यादा देर तक नहीं टिकता और अंतत: बेनकाब हो ही जाता है. तो पाकिस्तान का झूठ भी कुछ इसी तरह एक बार फिर बेनकाब हुआ है. दरअसल पाकिस्तान की ओर से हाल ही में एक पत्र संयुक्त राष्ट्र (UN) में वितरित किया गया था.
इसमें इंडस वाटर्स ट्रीटी से जुड़े कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले का हवाला दिया गया. पाकिस्तान ने इस फैसले को अपने पक्ष में पेश करने की कोशिश की. भारत ने अब इसी मुद्दे पर पाकिस्तान को जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के रुख को तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने वाला बताया. भारत ने यह भी कहा कि जिस निकाय के फैसले को पाकिस्तान सामने रख रहा है उसे भारत मान्यता नहीं देता. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस पर भारत का रुख साफ कर दिया.
न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार मामला सिर्फ एक पत्र और एक फैसले तक सीमित नहीं है. इसके पीछे इंडस वाटर्स ट्रीटी को लेकर दोनों देशों का पुराना विवाद भी है. भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को रोक दिया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. भारत का कहना है कि यह व्यवस्था तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को लेकर विश्वसनीय और ठोस कदम नहीं उठाता. इसी बीच 31 अगस्त को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने कहा कि संधि लागू है और भारत इसे एकतरफा तरीके से रोक नहीं सकता. भारत ने इस फैसले को तुरंत खारिज कर दिया. उसका कहना है कि यह न्यायाधिकरण अवैध तरीके से गठित किया गया है और उसे भारत के संप्रभु फैसलों पर अधिकार नहीं है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहा है. उन्होंने साफ किया कि जिस फैसले को पाकिस्तान स्थायी मध्यस्थता न्यायालय का फैसला बताकर पेश कर रहा है वह वैसा फैसला नहीं है. भारत के मुताबिक यह एक ऐसे न्यायाधिकरण का फैसला है जिसे उसने कभी मान्यता नहीं दी.
UN में पत्र भेजने पर भी भारत का जवाब
पाकिस्तान ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले से जुड़े पत्र को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रसारित किया. भारत ने इसे वास्तविकता को अलग तरीके से पेश करने की एक और कोशिश बताया. भारत पहले भी कहती रही है कि इस न्यायाधिकरण के पास भारत के संप्रभु फैसलों पर अधिकार क्षेत्र नहीं है. इसलिए उसके फैसलों का भारत की कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ता.
आतंकवाद पर भी पाकिस्तान को घेरा
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी होगी. उन्होंने कहा कि केवल बयान देने से दुनिया को भरोसा नहीं होगा. पाकिस्तान को ठोस कदम और अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी होगी. भारत लगातार यह रुख रखता रहा है कि इंडस वाटर्स ट्रीटी पर उसका फैसला आतंकवाद के मुद्दे से भी जुड़ा है.
मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाने का मुद्दा भी उठा
इसी दौरान जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर भी भारत ने पाकिस्तान के कदम पर सवाल उठाए हैं. पाकिस्तान ने अपनी हालिया वांटेड आतंकवादियों की सूची में अजहर पर इनाम 20 लाख पाकिस्तानी रुपए बढ़ाकर 70 लाख रुपए कर दिया. भारत ने इसे दिखावटी कदम बताया और कहा कि पाकिस्तान को अजहर के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए. पाकिस्तान का दावा है कि अजहर अब उसके देश में नहीं है और अफगानिस्तान में छिपा है. भारतीय खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक वह पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नवाबशाह में हो सकता है. अजहर भारत में संसद हमले और पुलवामा हमले समेत कई आतंकी मामलों में वांछित है.




















































