नई दिल्ली। भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ पदक तालिका में संख्या नहीं बढ़ातीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा की एक मिसाल बन जाती हैं. जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने ऐसा ही एक अद्भुत और ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया है.
गुलवीर सिंह एक ही एशियन गेम्स में तीन मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे एथलीट बन गए हैं. उनसे पहले यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड भारत की महान एथलीट पीटी उषा के नाम था. पीटी उषा ने 1986 के सिओल एशियन गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे एशिया को हैरान कर दिया था, जहां उन्होंने एक ही एडिशन में चार गोल्ड और एक सिल्वर मेडल हासिल किए थे. 1986 के उस यादगार एशियन गेम्स के दशकों बाद, गुलवीर ने वही इतिहास दोहराते हुए भारतीय खेल प्रेमियों को सीना चौड़ा करने का मौका दिया है.
नागोया एशियन गेम्स में गुलवीर सिंह (Gulveer Singh) का सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं रहा. उन्होंने मात्र 5 दिनों के भीतर 4 कठिन दौड़ में हिस्सा लिया और अपनी शारीरिक सहनशक्ति व मानसिक मजबूती का लोहा मनवाया. 1500 मीटर से लेकर 10,000 मीटर तक, जिस भी दूरी की रेस में गुलवीर ट्रैक पर उतरे, हर बार पोडियम फिनिश के साथ ही लौटे.
10,000 और 1500 मीटर में जीता रजत
उनकी इस ऐतिहासिक हैट्रिक की शुरुआत हुई पुरुषों की 10,000 मीटर रेस से, जहां उन्होंने 28:29.38 का समय निकालते हुए रजत पदक अपने नाम किया. इसके बाद 1500 मीटर की रेस में उन्होंने 3:36.72 का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया और एक बार फिर चांदी का पदक जीता.
5000 मीटर में कांस्य जीतकर बनाई हैट्रिक
लगातार तीन दौड़ के भारी दबाव और थकान के बावजूद गुलवीर का जज्बा कम नहीं हुआ. पुरुषों की 5000 मीटर के फाइनल मुकाबले में उन्होंने 13:32.75 के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक पर कब्जा जमाया. इस कांस्य पदक के साथ ही गुलवीर ने तीन रेस में तीन मेडल जीतने का अद्वितीय कारनामा पूरा कर लिया.
लाखों युवा एथलीटों के लिए बने प्रेरणा
5 दिनों में 4 कठिन रेस दौड़ना और हर दूरी में मेडल जीतकर देश का परचम लहराना गुलवीर सिंह की अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाता है. नागोया में उनके इस असाधारण प्रदर्शन ने न सिर्फ उन्हें इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया है, बल्कि वह देश के लाखों युवा एथलीटों के लिए एक नया आदर्श बनकर उभरे हैं.





















































