नई दिल्ली। डिजिटल दौर में वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन पढ़ाई, 4K वीडियो स्ट्रीमिंग और स्मार्ट होम डिवाइसेज का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है. एक ही घर में स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, गेमिंग कंसोल और सीसीटीवी कैमरे जैसे दर्जनों गैजेट्स एक साथ वाई-फाई (Wi-Fi) से जुड़े रहते हैं. ऐसे में नेटवर्क में बफरिंग और स्लो स्पीड की समस्या आम बात हो जाती है.
नया वाई-फाई राउटर खरीदते समय यूज़र्स के सामने अक्सर Dual-Band और Tri-Band राउटर को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है. लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि ट्राई-बैंड राउटर लगाने से इंटरनेट स्पीड तीन गुना हो जाएगी. आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि दोनों राउटर्स में क्या अंतर है और आपके घर की जरूरत के हिसाब से कौन सा राउटर सबसे परफेक्ट रहेगा.
डुअल-बैंड राउटर (Dual-Band Router) कैसे करता है काम?
डुअल-बैंड वाई-फाई राउटर में दो अलग-अलग फ्रीक्वेंसी बैंड काम करते हैं- 2.4GHz और 5GHz. इन दोनों बैंड्स की अपनी-अपनी तकनीकी क्षमताएं होती हैं.
2.4GHz बैंड: इस बैंड की सबसे बड़ी खूबी इसकी लंबी रेंज है. इसका सिग्नल घर की दीवारों और रुकावटों को पार करके दूर के कमरों तक आसानी से पहुंचता है. हालांकि, इस बैंड पर स्पीड थोड़ी कम मिलती है और माइक्रोवेव या ब्लूटूथ जैसे अन्य वायरलेस डिवाइसेज की वजह से इंटरफेरेंस (रुकावट) ज्यादा हो सकता है.
5GHz बैंड: यह फ्रीक्वेंसी बैंड सुपरफास्ट स्पीड और कम इंटरफेरेंस देने में सक्षम होता है. 4K वीडियो स्ट्रीमिंग या ऑनलाइन गेमिंग के लिए यह बिल्कुल मुफीद है. हालांकि, इसकी कवरेज रेंज 2.4GHz के मुकाबले कम होती है और यह मोटी दीवारों को पार करने में कमजोर रहता है.
यदि आपका घर छोटे या मध्यम आकार का है और 5-8 डिवाइसेज एक साथ वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं, तो एक अच्छा डुअल-बैंड राउटर आपकी सभी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकता है.
ट्राई-बैंड राउटर (Tri-Band Router) में क्या है खास?
ट्राई-बैंड राउटर में दो के बजाय तीन अलग-अलग वाई-फ़ाई बैंड्स मिलते हैं. आमतौर पर इसमें एक 2.4GHz बैंड और दो 5GHz बैंड्स शामिल होते हैं (नए वाई-फाई स्टैंडर्ड्स वाले मॉडल में बैंड का सेटअप थोड़ा अलग भी हो सकता है).
इसका सबसे बड़ा फायदा नेटवर्क कंजेशन (जाम) को कम करना है. एक ही समय पर जब घर में कई लोग भारी इंटरनेट लोड वाला काम कर रहे हों, तो राउटर डिवाइसेज को अलग-अलग बैंड्स में बांट देता है. उदाहरण के लिए, एक 5GHz बैंड पर गेमिंग कंसोल चल सकता है, दूसरे 5GHz बैंड पर 4K स्मार्ट टीवी और 2.4GHz बैंड पर घर के बाकी स्मार्ट गैजेट्स कनेक्ट हो सकते हैं.
क्या ट्राई-बैंड लगाने से 3 गुना हो जाएगी इंटरनेट स्पीड?
यह एक बहुत बड़ी और आम गलतफहमी है कि ट्राई-बैंड राउटर वाई-फाई स्पीड को तीन गुना बढ़ा देता है. वास्तव में, कोई भी राउटर आपके इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर (ISP) द्वारा तय किए गए प्लान की स्पीड सीमा को नहीं बढ़ा सकता. अगर आपका ब्रॉडबैंड प्लान 200 Mbps का है, तो ट्राई-बैंड राउटर लगाने के बाद भी आपको अधिकतम 200 Mbps की ही स्पीड मिलेगी.
ट्राई-बैंड राउटर का मुख्य काम स्पीड बढ़ाना नहीं, बल्कि नेटवर्क कैपेसिटी (क्षमता) और बैंडविथ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है. यह कई डिवाइसेज के एक साथ कनेक्ट होने पर भी स्पीड को ड्रॉप नहीं होने देता और लेग-फ्री एक्सपीरियंस प्रदान करता है.
आपके लिए कौन सा राउटर है सबसे बेहतर?
सही वाई-फाई राउटर का चुनाव पूरी तरह आपके घर के आकार और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले डिवाइसेज की संख्या पर निर्भर करता है:
डुअल-बैंड चुनें अगर: आपका घर 1 BHK या 2 BHK साइज का है, कम लोग वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं और आपका बजट सीमित है. यह रोजाना की ब्राउजिंग, वर्क फ्रॉम होम और फुल एचडी/4K स्ट्रीमिंग के लिए किफायती और पर्याप्त विकल्प है.
ट्राई-बैंड चुनें अगर: आपका परिवार बड़ा है, घर का साइज काफी बड़ा है या एक साथ 10-15 से अधिक डिवाइसेज (गेमिंग पीसी, स्मार्ट टीवी, सुरक्षा कैमरे, टैबलेट) हमेशा इंटरनेट से जुड़े रहते हैं.




















































