नई दिल्ली। भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी, सूर्य देव और चंद्रमा की विशेष पूजन का कार्तिक महीना आ गया है. कार्तिक मास में सूर्योदय से पहले नहाने की परंपरा है, इससे धन-समृद्धि, सौभाग्य प्राप्त होता है. इसके अलावा इस महीने में तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है. साल 2016 में 27 अक्टूबर से कार्तिक महीना शुरू हो रहा है और 24 नवंबर को खत्म होगा. जानिए अभी से ही किन बातों का पालन करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है.
आश्विन मास के आखिरी 15 दिन भी खास
कार्तिक मास के लिए तो धर्म-शास्त्रों में कई नियम बताए गए हैं. लेकिन उससे पहले आश्विन मास के आखिरी दिन 15 भी विशेष हैं. सर्व पितृ अमावस्या के बाद से आश्विन शुक्ल पक्ष प्रारंभ होगा, जिसकी शुरुआत शारदीय नवरात्र से होगी. ये 9 दिन मां दुर्गा की पूजा को समर्पित हैं. इसके बाद दशहरा मनाया जाएगा. इस तरह नवरात्र के पहले दिन से ही कुछ नियमों का पालन शुरू कर दें.
- अभी से लहसुन-प्याज, मांसाहार, शराब आदि तामसिक चीजों का सेवन बंद कर दें.
- दिवाली के पहले पूरे घर की सफाई और पेंट करते हैं, लेकिन नवरात्र के पहले भी घर की साफ-सफाई जरूरी है.
- अभी से बैंगन-मूली आदि खाने से बचें.
- रोज सुबह जल्दी स्नान करके मां दुर्गा की पूजा करें. शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं.
- रोज शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं. इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. घर में सुख-समृद्धि बढ़ने की मान्यता है.
- कुछ समय मंत्र जाप करें, मेडिटेशन करें, इससे मन को शांति मिलेगी, जीवन में सकारात्मकता बढ़ेगी.
- गलती से भी नॉनवेज का सेवन न करें. खासतौर पर कार्तिक मास में मछली का सेवन नहीं करना चाहिए. धर्म-शास्त्रों के अनुसार कार्तिक महीने में भगवान विष्णु जल में अपने मत्स्य अवतार के रूप में होते हैं. इसलिए इस समय मछली का सेवन न करें.






















































