नई दिल्ली: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहली बार केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की है. ईडी की कोलकाता जोनल टीम ने कांग्रेस के पूर्व सांसद और अंडमान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप राय शर्मा को हिरासत में लिया है. उन पर राज्य सहकारी बैंक घोटाले से जुड़े 300–350 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संलिप्त होने का आरोप है.
फर्जी लोन और मनी लॉन्ड्रिंग का खेल
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में दो अन्य आरोपियों – एमडी के. मुरुगन और कलाईवनन – को भी गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि बैंक से फर्जी लोन लेकर और शेल कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का हेरफेर किया गया. पैसे को नकद निकासी और बेनामी लेन-देन के जरिए घुमाया गया, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी हुई.
जुलाई में पहली बार ईडी की दबिश
31 जुलाई को ईडी ने अंडमान में पहली बार सर्च ऑपरेशन किया था. उस दौरान 10 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जिसमें कुलदीप राय शर्मा और अन्य आरोपियों से जुड़े स्थान भी शामिल थे. अब गिरफ्तारी के बाद यह ईडी की इस केंद्र शासित प्रदेश में पहली औपचारिक कार्रवाई बन गई है.
पहले CID ने की थी कार्रवाई
कुलदीप राय शर्मा को इससे पहले 18 जुलाई को अंडमान की सीआईडी ने गिरफ्तार किया था. उस वक्त वे राज्य सहकारी बैंक समिति के अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे. सीआईडी ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था, लेकिन उसी दौरान वे अस्पताल में भर्ती हो गए. बाद में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई और उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. अब मामला ईडी तक पहुंच चुका है, जिसने पहली बार किसी अंडमान-निकोबार निवासी को गिरफ्तार कर इतिहास बना दिया.
ईडी की गिरफ्तारी के बाद अब आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उनसे पूछताछ का दायरा और बढ़ेगा. एजेंसी यह जांच कर रही है कि घोटाले के जरिए कितने लोगों को फायदा पहुंचाया गया और पैसे का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया.

























































