नई दिल्ली। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को सिद्धिलक्ष्मी जयंती मनाई जाती है. दृक पंचांग के मुताबिक, इस साल सिद्धलक्ष्मी जयंती 27 अप्रैल को मनाई जाएगी. पौराणिक मान्यता है कि वैशाख शुक्ल पंचमी तिथि को देवी सिद्धिलक्ष्मी का जन्म हुआ था. उन्हें 12 सिद्धिविद्या देवियों में से एक माना जाता है.
मान्यता है कि देवी महालक्ष्मी की उपासना से जीवन में धन में धन और सफलता दोनों मिलती है. यही वजह है कि लोग वैशाख की सिद्धलक्ष्मी जयंती के दिन देवी के इस स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार की सिद्धलक्ष्मी जयंती के लिए शुभ मुहूर्त क्या है, पूजन की विधि क्या है और इस अवसर पर क्या कुछ उपाय करने से धन और सुख-समृद्धि का वरदान प्राप्त होगा.
सिद्धलक्ष्मी जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि की शुरुआत 26 अप्रैल को शाम 6 बजकर 06 मिनट से होगी. जबकि, इस तिथि की समाप्ति 27 अप्रैल को शाम 6 बजकर 15 मिनट पर होगी. इसलिए उदया तिथि के मुताबिक, इस साल सिद्धलक्ष्मी जयंती 27 अप्रैल को ही मनाई जाएगी.
सिद्धलक्ष्मी जयंती 2026 पूजा विधि
सिद्धलक्ष्मी जयंती के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान इत्यादि दैनिक कर्म से निवृत होकर व्रत का संकल्प लें. इसके बाद पूजा स्थल पर मा महालक्ष्मी की मूर्ति या फोटो को स्थापित करें. इतना करने के बाद माता लक्ष्मी को दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से बना पंचामृत का स्नान कराएं.अब, एक कलश में जल भरें और उसके ऊपर जल वाला नारियल रखकर मां लक्ष्मी की सामने रखें. इतना करने के बाद मां लक्ष्मी को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें. इसके साथ ही उन्हें फल और फूल भी चढ़ाएं. इसके बाद मां लक्ष्मी के सामने धूप-दीप जलाकर माता को भोग लगाएं. अंत में मां सिद्धलक्ष्मी की आरती करें.
सिद्धलक्ष्मी जयंती पर करें ये उपाय
पाप कर्मों को नष्ट करन के लिए- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सिद्धलक्ष्मी जयंती के दिन स्नान के पानी में काले तिल मिलाकर स्नान करें. कहा जाता है कि ऐसा करने से शरीर और आत्मा शुद्ध रहती है और संचित पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं.
तुलसी पूजन से बरकत- सिद्धलक्ष्मी जयंती के दिन तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और उनकी परिक्रमा करें. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और माता लक्ष्मी व श्रीहरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है. यह उपाय घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए भी खास है.
धन लाभ के लिए- सिद्धलक्ष्मी जयंती के दिन मां लक्ष्मी को लाल रंग के वस्त्र अर्पित करें. इसके अलावा इस दिन उन्हें इसी रंग के फूल और फल चढ़ाएं. मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी को ऐसी चीजें चढ़ाने से उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है, जिससे धन से जुड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं.
दरिद्रता दूर करने के लिए करें दान
जीवन में धन-दौलत की कमी को दूर करने के लिए सिद्धलक्ष्मी जयंती को बेहद खास माना गया है. ऐसे में इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को भोजन कराएं और उनके बीच अनाज का दान करें. इसके साथ ही शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर एक दीपक जलाएं. ऐसा करने से घर की दरिद्रता दूर होगी और धन के भंडार भरने लगेंगे.
शंख से जुड़े उपाय
सिद्धलक्ष्मी जयंती के दिन घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर रखें. कहा जाता है कि इस दिन ऐसा करने से बड़े से बड़े कर्ज से भी छुटकारा मिल जाता है. इसके अलावा इस दिन लाल रेशमी कपड़े में मोती शंख लपेटकर धन रखने वाले स्थान पर या तिजोरी में रखें. मान्यता है कि ऐसा करने से धन की बचत होती है और घर में मां लक्ष्मी का स्थाई वास होता है.

























































