नई दिल्ली। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों में साफ-सफाई बेहतर बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने 5 सुपरफास्ट ट्रेनों में तकनीक आधारित ऑन-बोर्ड सेवाएं शुरू की हैं। इनमें 2 वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल हैं। इस व्यवस्था के तहत एआई की मदद से सफाई की गुणवत्ता जांची जाएगी और यात्रियों की शिकायतों को 2 घंटे के भीतर दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा के मुताबिक, इस पहल को शुरू करने वाला NFR देश का दूसरा रेलवे जोन बन गया है। रेलवे का कहना है कि इस पहल का मकसद ट्रेनों में साफ-सफाई और स्वच्छता के बेहतर मानक बनाए रखना, शिकायतों का तेजी से समाधान करना और यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक बनाना है।
इन 5 ट्रेनों में शुरू हुई नई सुविधा
रेलवे ने जिन 5 ट्रेनों में बेहतर ऑन-बोर्ड सेवाएं शुरू की हैं, उनमें ये ट्रेन शामिल हैं:
- कामाख्या-SMVT बेंगलुरु एक्सप्रेस
- गुवाहाटी-कोलकाता गरीब रथ एक्सप्रेस
- डिब्रूगढ़-मुंबई LTT एक्सप्रेस
- न्यू जलपाईगुड़ी-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस
- न्यू जलपाईगुड़ी-गुवाहाटी वंदे भारत एक्सप्रेस
बेडशीट तक का रखा जाएगा ध्यान
नई व्यवस्था के तहत सफर के दौरान ट्रेन के डिब्बों की नियमित सफाई की जाएगी। एसी कोच की खिड़कियों की सफाई, शौचालयों के रखरखाव और कचरे के सही निपटारे पर भी ध्यान दिया जाएगा। यात्रियों को बेडशीट और दूसरी बेडिंग समय पर देने के साथ इस्तेमाल के बाद उन्हें इकट्ठा करने की व्यवस्था भी बेहतर बनाई जाएगी।
इनके अलावा ट्रेनों में यात्रियों की मदद के लिए विशेष टीमें तैनात रहेंगी। ये टीमें पानी की उपलब्धता जांचेंगी, छोटी-मोटी तकनीकी समस्याओं में मदद करेंगी और यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई करेंगी।
2 घंटे में शिकायत दूर करने का लक्ष्य
रेलवे ने यात्रियों की शिकायतों को 2 घंटे के भीतर हल करने का लक्ष्य तय किया है। अगर इस समय में शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो उसे संबंधित रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आगे कार्रवाई की जा सके।
AI और डिजिटल तकनीक से निगरानी
नई व्यवस्था में सफाई और दूसरी सेवाओं की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत सेवाओं की जियो-टैगिंग के जरिए पुष्टि, कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर और ऑन-बोर्ड सफाई व्यवस्था की केंद्रीय स्तर पर निगरानी की जाएगी।
यात्रियों से मिलने वाले रियल-टाइम फीडबैक और स्टार रेटिंग के आधार पर भी सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन होगा। इसके साथ ही AI आधारित जांच से सफाई के स्तर को परखा जाएगा और उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां सुधार की जरूरत है।






















































