नई दिल्ली: कांग्रेस को बिहार विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त मिली है. इस हार के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के लिए तेलंगाना और कर्नाटक के मुख्यमंत्री पहुंचे हैं. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस बिहार चुनाव में हार के बाद पार्टी और संगठन में कोई बड़ा बदलाव कर सकती है. बिहार चुनाव में कांग्रेस ने 61 सीटों पर चुनाव लड़ा और इसमें से वो महज 6 सीटें ही जीत पाई. बीते 15 सालों में कांग्रेस पार्टी का ये दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन रहा. कांग्रेस की हार ने सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं बल्कि बिहार के पूरे महागठबंधन को बड़े सदमें डाल दिया है.
वहीं इसके पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के लिए मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और केसी वेणुगोपाल भी पहुंचे थे. इन तीनों नेताओं ने बंद कमरे में बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर बातचीत की. इनके अलावा इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी शामिल थे. इस बैठक में चारो नेताओं ने बिहार चुनाव में कांग्रेस की शिकस्त पर चर्चा की. संगठन की कमजोरी और चुनाव आयोग की भूमिका पर चर्चा की.
कांग्रेस में होने वाला बड़ा परिवर्तन!
बिहार चुनाव में बुरी तरह से हार के बाद अब कांग्रेस में कोई बड़ा परिवर्तन होने वाला है. इस बात का दावा तो हम नहीं करते हैं लेकिन बिहार चुनाव परिणाम के अगले दिन से ही राहुल गांधी की जिस तरह से बैठकें हों रही हैं उससे तो यही लगता है कि आने वाले समय में पार्टी कोई बड़ा डिसीजन लेने वाली है.
बिहार में आई NDA की सुनामी में कांग्रेस ही नहीं RJD भी उड़ गई
बिहार चुनाव में NDAकी सुनामी ने कांग्रेस को ही नहीं आरजेडी सहित पूरे महागठबंधन को भी झकझोर दिया है. वाम दल सिमट गए, तेजस्वी यादव की उम्मीदें भी टूट गईं और कांग्रेस भी इस चुनाव में महज 6 सीटों पर सिमट गई है. महागठबंधन के कई सहयोगी दलों ने दबे सुर में कांग्रेस की कमजोर कैंपेनिंग की आलोचना शुरू कर दी है.

























































