नई दिल्ली। रिटायरमेंट प्लानिंग को एक्सपर्ट जीवन के लिए बहुत ही खास बताते हैं। कई दिग्गज कहते हैं कि आप जितनी जल्दी से रिटायरमेंट प्लानिंग करते हैं और इसके लिए बचत या निवेश शुरू कर देते हैं, वह उतना अधिक ही आपके लिए फायदेमंद हो जाता है।
कई निवेश ऐसे हैं, जहां आप जितनी कम उम्र में पैसे लगाते हैं, वह उतना ही बढ़ता है और चक्रवृद्धि ब्याज दर का एक अलग ही फायदा मिलता है। अगर हम चक्रवृद्धि ब्याज दर को एक वाक्य में समझें तो इसका अर्थ होता है कि आपकी जमा राशि पर मिले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।
इन सभी चीजों को देखते हुए रिटायरमेंट प्लानिंग काफी अहम हो जाती है। एक बात तो यह है कि इंसान हमेशा काम या नौकरी नहीं कर सकता। एक ऐसा समय आता है, जहां आपको काम की नहीं आराम की जरूरत होती है, लेकिन उसके लिए आपको पैसे चाहिए होते हैं। इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग बड़ी बात है। हम यहां आपको पांच ऐसी बातें बता रहे हैं, जिसपर अगर आपने ध्यान दे दिया तो हो सकता है कि आपको रिटायरमेंट के बाद भी ‘फाइनेंशियल आजादी’ का एहसास होता रहे। मतलब कि पैसों की कोई कमी ना हो। आइए इनके बारे में जानते हैं…
अपना फाइनेंशियल गोल सेट करें
सबसे पहले आपको अपने फाइनेंशियल गोल को सेट करना है। मतलब कि आप रिटायरमेंट के बाद कैसी जिंदगी जीना चाहते हैं, या कैसी लाइफस्टाइल चाहते हैं, इसको आर्थिक रूप से पहले से ही तय कर लें। इसके लिए एक खर्च का पहले ही अनुमान लगा लें और उसके हिसाब से निवेश या बचत करना शुरू कर दें।
रिटायरमेंट फंड के लिए योगदान
आप रिटायरमेंट फंड के लिए जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी फंड जुटाना शुरू कर सकते हैं। आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, एफडी आदि में निवेश कर सकते हैं। आपको जहां फायदा लगे अपने एक्सपर्ट से बात करके वहां निवेश शुरू कर सकते हैं, ताकि जब आप रिटायर हों, तो आपके पास अच्छा-खासा रिटायरमेंट फंड हो, जो रिटारमेंट के बाद की जीवन को जीने में आर्थिक रूप से काफी मदद कर सके।
एक्सपर्ट बताते हैं कि आप इसके लिए अपनी बचत का कम से कम 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा SIP में लगाना शुरू कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप म्यूचुअल फंड एडवाइज़र से बात करें। वहीं, शेयर बाजार में सोच-समझकर निवेश करें और निवेश करते समय लालच न करें। साथ ही, प्रोविडेंट फंड अकाउंट में भी निवेश कर सकते हैं, जिसका इस्तेमाल आप रिटायरमेंट के बाद कर सकते हैं। आपको जहां सुरक्षित निवेश लगे, वहां अपनी क्षमता अनुसार, निवेश की राशि को समय के साथ बढ़ाते रहे।
लोन न लेने का प्लान
लोन जिसका अर्थ ही कर्ज होता है, आप कोशिश करें कि आपको कभी भी लोन ना लेना पड़े। खासकर के तब जब आप रिटायरमेंट की सोच रहे हों। लोन आप पर अतिरिक्त बोझ की तरह हो सकता है। ऐसे में आपकी बचत कम और खर्च अधिक हो सकती है।
इसलिए कोशिश करें कि आपको लोन की जरूर ना पड़े। बहुत जरूरी पर अगर आप लोन ले भी लेते हैं, तो आपको ध्यान में होना चाहिए कि उसे चुकाने में कोई दिक्कत ना हो और आप तय समय में आराम से चुका दें।
इमरजेंसी फंड बनाएं
आप अपनी रिटायरमेंट लाइफ को टेंशन फ्री बनाने के लिए इमरजेंसी फंड बना सकते हैं। आपके पास इतनी राशि जरूर होनी चाहिए कि अगर कोई इमरजेंसी या हेल्थ संबंधित किसी इलाज की जरूरत पड़े तो आप तुरंत करा सके। अगर आप अधिक पैसे नहीं जुटा पाते हैं को आप इसके लिए लाइफ टर्म इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस ले सकते हैं।
आप कम से कम एक करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस प्लान भी ले सकते हैं। अपने पूरे परिवार को कवर करने वाली मेडिकल पॉलिसी भी खरीद सकते हैं, जो आपात स्थिति में आपकी मदद कर सके। इसके अलावा आप नियमित और अतिरिक्त रिटर्न के लिए एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) भी कर सकते हैं।
अपने निवेश को डायवर्सिफाई रखें
आप अपने निवेश को डायवर्सिफाई रखें। मतलब कि आपका कोई भी निवेश किसी एक जगह, बैंक, शेयर या म्यूचुअल फंड में ना होकर, कई जगहों पर हो। रिस्क और जोखिम को कम करने के लिए अपने निवेश को अलग-अलग एसेट क्लास और सेक्टर में बांट सकते हैं।
आप शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट, सोना और अन्य जगहों पर निवेश करने की प्लानिंग कर सकते हैं। इससे आपका पोर्टफोलियो बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रहेगा और आपको गिरावट पर अधिक नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा।























































