नई दिल्ली। जेनेटिक टेस्ट के क्षेत्र में विदेशी दबदबे के बीच दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) से जुड़ीं शोधार्थी ने स्वदेशी व सस्ते जेनेटिक टेस्ट की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
धार्थी डॉ. दीपशिखा सतीश ने ऐसा स्वदेशी तकनीक आधारित जेनेटिक टेस्ट किट तैयार की है, जिससे तुरंत यह पता लगाया जा सकेगा कि हृदय रोगी के लिए कौन-सी दवा सबसे सटीक और लाभकारी रहेगी। यानी, हृदय रोगियों को अब अनावश्यक दवा नहीं खानी पड़ेंगी।
साथ ही दवा के साइड इफेक्ट का भी पता लग पाएगा। इस टेस्ट के बाद तीन घंटे के भीतर रिपोर्ट मिल सकेगी, वर्तमान तकनीक आधारित टेस्ट की रिपोर्ट के लिए डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ता है।
कैसा होगा ये टेस्ट
यही नहीं, टेस्ट के दाम भी लगभग आधे होंगे। यह एक ‘फार्माकोजीनोमिक्स’ टेस्ट है। एक ऐसा टेस्ट, जो चिकित्सकों को यह समझने में मदद करेगा कि हृदय रोगी के जेनेटिक प्रोफाइल के आधार पर कौन-सी दवा सबसे सटीक काम करेगी।
वर्तमान में, मरीजों से शारीरिक परेशानियों को जानने के बाद आमतौर पर चिकित्सक तीन से सात दिन की दवा देता है। इतने दिन दवा लेने के बाद मरीज से चिकित्सक दोबारा फीडबैक लेता है और इसी आधार पर तय करता है कि कौन-सी दवा जारी रखनी है और कौन-सी बंद करनी है।
टेस्ट के तीन घंटे के भीतर यह पता लग पाएगा कि अमुक हृदय रोगी के लिए कौन-सी दवा सबसे बेहतर रहेगी। इससे मरीज को अनावश्यक रूप से दवा नहीं खानी पड़ेंगी। डॉ. दीपशिखा ने बताया कि यह टेस्ट विशेष रूप से हृदय रोगियों को ध्यान में रखते हुए क्यू-पीसीआर तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है।
क्यू-पीसीआर तकनीक, वर्तमान तकनीक से लगभग 50 प्रतिशत सस्ती है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में इसे अन्य बीमारियों के लिए तैयार किया जाएगा। हृदय रोग के लिए ‘फार्माकोजीनोमिक्स’ पर नई पहल के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पिछले दिनों पांच लाख रुपये का अनुदान भी दिया।
क्या होती है फार्माकोजीनोमिक्स
फार्माकोजीनोमिक्स, वह विज्ञान है जो यह अध्ययन करता है कि किसी व्यक्ति के जीन (डीएनए) दवाओं के प्रति उसके शरीर की प्रतिक्रिया (असर या साइड इफेक्ट्स) को कैसे प्रभावित करते हैं। यह फार्माकोलाजी (दवाओं का अध्ययन) और जीनोमिक्स (जीन का अध्ययन) का मेल है, जिसका उद्देश्य सही मरीज को सही दवा की सही खुराक व्यक्तिगत रूप से प्रदान करना है।

























































