नई दिल्ली। भारतीय रेलवे से हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। ऐसे में अगर किसी वजह से ट्रेन कैंसिल हो जाए, तो यात्रियों की परेशानी बढ़ जाती है। खासकर उन लोगों को चिंता होने लगती है, जिन्होंने पहले से टिकट बुक करा रखा है। उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि टिकट का पैसा वापस कैसे मिलेगा और इसके लिए क्या करना होगा।
अगर आपकी ट्रेन भी कैंसिल हो गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी के नियमों के तहत यात्रियों को टिकट का रिफंड मिल सकता है। हालांकि, ऑनलाइन टिकट और रेलवे काउंटर से खरीदे गए टिकट के लिए प्रक्रिया अलग-अलग है। आइए आसान भाषा में जानते हैं इसके बारे में…
ऑनलाइन टिकट पर रिफंड का क्या है नियम?
आपने अगर आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए ट्रेन की टिकट बुक की है तो आपको टिकट खुद ही रेलवे की तरफ से कैंसिल कर दी जाती है। आपको टिकट खुद टिकट कैंसिल करने की जरूरत नहीं होती। इसका रिफंड भी अपने आप उसी बैंक खाते में भेज देता है जिससे आपने भुगतान किया था।
रेलवे काउंटर से लिए गए टिकट का रिफंड का क्या है नियम?
रेलवे काउंटर से लिए गए टिकट का रिफंड पाने का नियम थोड़ा अलग है, अगर ट्रेन कैंसिल हो गई है, तो आपको रिफंड के लिए स्टेशन काउंटर पर जाना होगा। आप ट्रेन के निर्धारित समय से 3 दिन के भीतर काउंटर पर टिकट जमा करके आप अपना पूरा पैसा वापस पा सकते हैं।
ट्रेन डायवर्ट या री शेड्यूल होने की स्थिति में रिफंड पाने का क्या है नियम?
अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है या उसका रास्ता बदल दिया गया है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो आपको रिफंड मिल सकता है। इसके लिए आपको टीडीआर फाइल करना होगा। आप टीडीआर फाइल करके रिफंड ले सकते हैं।
भारतीय रेलवे ने दिसंबर 2026 से फरवरी 2027 तक सर्दियों में कोहरे के दौरान 13 ट्रेनों के संचालन में बदलाव की घोषणा की है। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के अनुसार, चार ट्रेनें पूरी तरह से रद्द रहेंगी, जबकि कई अन्य ट्रेनें चुनिंदा दिनों पर कम फेरों (ट्रिप्स) के साथ चलेंगी। दो ट्रेनें अपने रूट के कुछ हिस्सों पर आंशिक रूप से रद्द रहेंगी।






















































