नई दिल्ली। अगर आप YouTube पर अक्सर वीडियो और Shorts देखते हैं, तो आपने देखा होगा कि कभी-कभी स्थानीय भाषा में बनाए गए कंटेंट को English में ऑटो-प्ले किया जाता है. ये ऑटो-जेनरेटेड ऑडियो और कैप्शन फीचर हाल के महीनों में शुरू हुआ है, लेकिन शुरुआत के अनुभव कुछ खास अच्छे नहीं रहे हैं.
YouTube पर वीडियो देखने की आदत पिछले कुछ सालों में बढ़ गई है और प्लेटफॉर्म नए टूल्स ला रहा है ताकि देखने का अनुभव आसान और बेहतर हो सके. लेकिन ऑटो-जेनरेटेड ऑडियो इसके ठीक उलट लग रहा है. AI तकनीक की वजह से वीडियो की आवाज़ें रोबोटिक लगती हैं.
उदाहरण के लिए, अगर आप हिंदी में वीडियो देख रहे हैं और कंटेंट में लोग English में बोलते नजर आते हैं, तो डबिंग पूरी तरह सही नहीं लगती. इससे वीडियो में मानवीय भाव और टच गायब हो जाता है.
AI टूल्स अब इंटरनेट पर हर चीज़ में दिखाई दे रहे हैं और YouTube भी इस ट्रेंड का हिस्सा है. ऑटो-जेनरेटेड कैप्शन और ऑडियो की वजह से वीडियो की आवाज़ें रोबोटिक लगती हैं. इससे कंटेंट का मज़ा कम हो जाता है.
क्या आप इसे बंद कर सकते हैं?
अच्छी बात ये है कि आप YouTube पर इन रोबोटिक आवाज़ों को बंद कर सकते हैं और वीडियो को उसकी मूल भाषा में देख सकते हैं. इसके लिए: YouTube खोलें, कोई भी वीडियो चलाएं,ऊपर दाईं तरफ तीन डॉट्स वाले मेनू पर क्लिक करें.‘Audio track’ चुनें, हिंदी या वीडियो की मूल भाषा को चुनें, अब वीडियो अपने लोकल वर्ज़न में प्ले होगा.
अगर ऑटो-जेनरेटेड कैप्शन सबटाइटल्स से मेल नहीं खा रहे हैं, तो उन्हें भी बंद किया जा सकता है. इसके अलावा, YouTube ने हाल ही में वीडियो प्लेयर का डिज़ाइन भी बदल दिया है, ताकि मोबाइल और वेब यूजर्स के लिए देखने का एक्सपीरिएंस और क्लीन और इमर्सिव हो. इन बदलावों से वीडियो देखना, म्यूजिक सुनना और Shorts का मजा और बेहतर होगा

























































