नई दिल्ली। वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सोमवार 8 दिसंबर को लोकसभा में चर्चा होने वाली है। इसके लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। पीएम मोदी इस दौरान वंदे मातरम के बारे में कुछ नया बता सकते हैं। जो कि पहले कभी नहीं सुना गया हो। इसके साथ ही वे कांग्रेस के इतिहास पर एक बार फिर से हमला कर सकते हैं।
बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी कांग्रेस पर भारत की आजादी से कई साल पहले इस गीत के कुछ प्रमुख छंदों को हटाने का आरोप लगाया था। प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि 1937 में, ‘वंदे मातरम’ के कुछ महत्वपूर्ण छंद, जो इसकी आत्मा का एक हिस्सा थे, तोड़ दिए गए। ‘वंदे मातरम’ को टुकड़े-टुकड़े कर दिया गया। उन्होंने सभी छह छंदों का पाठ किया।
क्या है केंद्र सरकार का उद्देश्य
सरकार ने बंकिम चंद्र चटर्जी की इस प्रतिष्ठित रचना पर एक बड़ी राष्ट्रीय बहस शुरू की है, ताकि युवाओं के बीच वंदे मातरम के प्रति जुड़ाव को और गहरा किया जा सके। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री मोदी ने 7 नवंबर को साल भर चलने वाले वंदे मातरम समारोह की शुरुआत की। संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान वंदे मातरम पर चर्चा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनने वाली है।
कांग्रेस की तरफ से 8 वक्ता वंदे मातरम पर चर्चा में भाग ले सकते हैं
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की तरफ से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और सदन में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई समेत आठ वक्ता भाग ले सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी, गोगोई, दीपेंद्र हुड्डा, विमल अकोइजम, प्रनीति शिंदे, प्रशांत पडोले, चमाला रेड्डी और ज्योत्सना महंत वक्ता हो सकते हैं।

























































