नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी देते हुए आज यानी 5 अक्टूबर तक समझौते पर राजी होने के लिए कहा है। इसके साथ ही उन्होंने इजरायल को उनकी बात मानने के लिए धन्यवाद भी कहा था। हालांकि, गाजा पर हो रही बमबारी से ये तो नहीं लगता कि नेतन्याहू ने उनकी बात मानी है।
रविवार को गाजा पट्टी में कई विस्फोट हुए, जब इजरायल और हमास युद्ध खत्म करने की एक नई अमेरिकी योजना पर मिस्र में एक इनडायरेक्ट बातचीत की तैयारी कर रहे थे। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इजरायल को गाजा पट्टी पर बमबारी बंद करने का आदेश दिया था, जब हमास ने कहा कि उसने उनकी योजना के कुछ तत्वों को स्वीकार कर लिया है।
‘गाजा से इजरायल की पूरी तरह वापसी नहीं होगी’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह “आने वाले दिनों में” गाजा से सभी बंधकों की रिहाई की घोषणा करेंगे। लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि गाजा से इजरायल की पूरी तरह वापसी नहीं होगी, जिसकी हमास लंबे समय से मांग करता रहा है।
उन्होंने कहा कि इजरायल की सेना गाजा में अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर कब्जा बनाए रखेगी, और योजना के दूसरे चरण में कूटनीतिक रूप से “या हमारे द्वारा सैन्य मार्ग के माध्यम से हमास को निरस्त्र कर दिया जाएगा।”
251 बंधकों में से 48 गाजा में ही
यह वार्ता मंगलवार को हमास द्वारा 7 अक्टूबर, 2023 को किए गए हमले की दूसरी बरसी से पहले हो रही है, जिसमें लगभग 1,200 इजराइली मारे गए थे। अपहृत 251 बंधकों में से 48 गाजा में ही हैं, जिनमें से 20 के अभी भी जीवित होने का अनुमान है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के सैन्य हमले में 66,000 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं, हालांकि मंत्रालय यह नहीं बताता कि इनमें से कितने नागरिक या लड़ाके थे।
मंत्रालय के अनुसार, मृतकों में लगभग आधी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। पिछले महीने, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक टीम ने निष्कर्ष निकाला कि इजरायल गाजा में नरसंहार कर रहा है।

























































