नई दिल्ली: NEET UG री-एग्जाम को लेकर देशभर के लाखों छात्रों की नजरें अब 21 जून पर टिकी हैं। पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई परीक्षा को दोबारा कराने की तैयारियां तेज हो गई है।
इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को एक हाईलेवल रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता कर परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता का जायजा लिया। इस री-एग्जाम में 23 लाख से ज्यादा छात्र शामिल होंगे, इसलिए सरकार किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहती है। बैठक में अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी, तकनीकी सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता पर जोर
बैठक में शिक्षा मंत्री ने साफ कहा कि इस बार परीक्षा पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा के साथ कराई जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछली परीक्षा में हुई सभी कमियों की पहचान कर उन्हें तुरंत दूर किया जाए, ताकि दोबारा कोई गड़बड़ी न हो।
धर्मेंद्र प्रधान ने जोर देकर कहा कि री-NEET परीक्षा सुरक्षित, बिना किसी रुकावट और पूरी तरह फुलप्रूफ तरीके से आयोजित होनी चाहिए। इसके लिए सभी राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ समन्वय बैठक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी, पीने के पानी, ट्रांसपोर्ट और छात्रों की दूसरी जरूरी सुविधाओं का खास ध्यान रखने को कहा गया। परीक्षा प्रक्रिया को और भरोसेमंद बनाने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक उपायों पर भी चर्चा हुई।
कैंसिल कर दी गई थीं NEET परीक्षा
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में NEET परीक्षा रद्द कर दी गई थी, क्योंकि जांच एजेंसियों को WhatsApp और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रश्नपत्र लीक होने के कई सबूत मिले थे। कई सवाल सोशल मीडिया और पब्लिक डोमेन में पहले से वायरल हो रहे थे, जिसके बाद परीक्षा पर सवाल उठने लगे।
इस मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि भविष्य में पेपर लीक और गड़बड़ियों को रोकने के लिए NEET परीक्षा को पारंपरिक पेपर-बेस्ड सिस्टम से कंप्यूटर आधारित फॉर्मेट में बदला जा सकता है।

























































