नई दिल्ली: हस्तरेखा शास्त्र में हाथ की रेखाओं और पर्वतों के बारे में विस्तार से बताया गया है. हाथ के रेखाओं और पर्वतों को देखकर व्यक्ति के भविष्य के बारे बताया जाता है. हस्तरेखा शास्त्र के जानकार हाथ की रेखाओं को पढ़कर बातते हैं कि इंसान का आने वाला कल कैसा रहेगा. हथेली पर सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र और शनि पर्वत होते हैं. हर पर्वत खास होता है. हाथेली पर सूर्य पर्वत अनामिका यानी रिंग फिंगर के नीचे का क्षेत्र होता है.
सूर्य पर्वत कॉन्फिडेंस लेवल, सरकारी नौकरी की स्थिति, समाज में मान-सम्मान, प्रसिद्धि इत्यादि के बारे में बताता है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, सूर्य पर्वत की पुष्टता, उभार और वहां मौजूद कुछ विशेष निशान भविष्य के बारे में बताते हैं. सूर्य पर्वत पर वर्ग, वृत्त, त्रिकोण और नक्षत्र का निशान बहुत ही शुभ माना जाता है. ये विशेष निशान आने वाले समय को लेकर गहरे संकेत देते हैं.
हथेली पर सूर्य पर्वत के शुभ चिह्न
वर्ग का चिह्न: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, सूर्य पर्वत पर वर्ग का निशान भविष्य के कई गहरे राज बताता है. ये समाज में मान-सम्मान मिलने का संकेत देता है. जिन लोगों के सूर्य पर्वत पर ये चिह्न होता है वो समाज में अपनी एक अगल पहचान बनाते हैं. ऐसे जातकों को सरकारी विभाग से भी लाभ मिलता है.
वृत्त का चिह्न: हथेली के सूर्य पर्वत पर वृत्त का निशान बहुत शुभ माना जाता है. यह चिह्न हर इंसान की हथेली में नहीं बनता, लेकिन जिन लोगों की हथेली में बनता है वो अपने जीवन में विदेश यात्राएं बहुत करते हैं. ये चिह्न परिश्रम से जीवन में उन्नति मिलने का संकेत देता है.
त्रिकोण का चिह्न: हथेली के सूर्य पर्वत पर मौजूद त्रिकोण का निशान अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसे लोग कला के क्षेत्र में खूब तरक्की और नाम करते हैं. ऐसे लोगों को कलाकारी दुनियां पसंद होती है. ये लोग जहां रहते हैं, वहीं इनका जलवा रहता है.
नक्षत्र का चिह्न: जिनके हथेली के सूर्य पर्वत पर नक्षत्र का निशान होता है, उन्हें सरकारी नौकरी मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है. ऐसे लोग सरकारी क्षेत्र में रहते हुए अकूत धन और प्रसिद्धि पाते हैं. इसके अलावा इनका आर्थिक जीवन भी समृद्ध रहता है.

























































