नई दिल्ली। Google, Android कर्नल को बेहतर बनाने के लिए एक नई ऑप्टिमाइजेशन तकनीक ला रहा है। ये बदलाव Android फोन को ज्यादा फास्ट और बेहतर बना सकता है। इसे ऑटोमैटिक फीडबैक-डायरेक्टेड ऑप्टिमाइजेशन (AutoFDO) कहा जाता है। इस अपडेट का मकसद स्मार्टफोन के लिए फास्ट एप लॉन्च, बेहतर यूजर एक्सपीरियंस और बेहतर बैटरी एफिशिएंसी देना है। Google की Android LLVM टूलचेन टीम ने डिटेल्स शेयर की हैं जिनसे पता चलता है कि AutoFDO से Android की परफॉर्मेंस कैसे बेहतर होने की उम्मीद है।
Android कर्नल डिवाइस के हार्डवेयर, प्रोसेसर और डिवाइस पर चल रहे एप्लिकेशन के बीच ब्रिज का काम करता है। Google के मुताबिक, ये फोन के CPU टाइम का लगभग 40 परसेंट मैनेज करता है, इसलिए कर्नल में थोड़ा सा भी सुधार डिवाइस की परफॉर्मेंस में काफी फायदा ला सकता है। Google का नया तरीका कंट्रोल्ड लैब टेस्ट से इकट्ठा किए गए डेटा पर निर्भर करता है जो पॉपुलर Android एप का इस्तेमाल करके असल दुनिया के इस्तेमाल के पैटर्न को सिमुलेट करते हैं।
इन टेस्ट के दौरान, प्रोफाइलिंग टूल ट्रैक करते हैं कि कर्नल के कौन से हिस्से सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, जिन्हें अक्सर ‘हॉट’ कोड पाथ कहा जाता है। AutoFDO फिर इस जानकारी का इस्तेमाल कर्नेल को रीबिल्ड करते समय कंपाइलर को गाइड करने के लिए करता है, जिससे वह उन ऑपरेशन्स के आस-पास कोड को ज्यादा अच्छे से ऑर्गनाइज कर पाता है जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं।
























































