नई दिल्ली: साउथ एक्टर नागा चैतन्य पिछले कुछ सालों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं, लेकिन वे अक्सर इन मुद्दों पर चुप्पी बनाए रखते हैं. सामंथा रुथ प्रभु से अलग हुए उन्हें करीब 4 साल 7 महीने हो चुके हैं और दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं. इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके नाम से जुड़ी कई बातें लगातार सामने आती रहती हैं. इसी बीच एक्टर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें शुरू हो गई हैं.
चैतन्य ने अपने नाम, फोटोज और पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. एक्टर का कहना है कि इंटरनेट पर उनकी इमेज का बिना परमिशन इस्तेमाल किया जा रहा है. उनकी टीम ने अदालत को बताया कि कई जगहों पर उनके नाम का इस्तेमाल ऐसे कंटेंट के साथ किया जा रहा है, जिससे उनकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है. खास तौर पर एआई से तैयार किए गए वीडियो, डीपफेक कंटेंट और कुछ मिसलीडिंग खबरों को लेकर उन्होंने कोर्ट से इंटरफेयर की मांग की है.
फर्जी कंटेंट पर जताई गंभीर चिंता
नागा चैतन्य के वरिष्ठ वकील वैभव गग्गर ने कहा कि कुछ वेबसाइट्स अभिनेता के नाम का इस्तेमाल करके ज्यादा ट्रैफिक और कमाई हासिल करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर कई ऐसी सामग्री मौजूद है, जिसमें एआई की मदद से फर्जी वीडियो और तस्वीरें बनाई गई हैं. इसके अलावा कुछ रिपोर्ट्स में अभिनेता को लेकर ऐसे दावे भी किए जा रहे हैं जिनका कोई ठोस आधार नहीं है. वकील ने अदालत में कहा कि ये नॉर्मल क्रिटिसिज्म नहीं, बल्कि सीधी ट्रोलिंग और मानहानि का मामला है.
एआई और डीपफेक को लेकर उठाए सवाल
याचिका में कहा गया है कि मॉर्डन तकनीक का गलत इस्तेमाल कर नागा चैतन्य से जुड़े फर्जी ऑडियो और वीडियो तैयार किए जा रहे हैं. अभिनेता का आरोप है कि डीपफेक, वॉइस क्लोनिंग और डिजिटल एडिटिंग की मदद से ऐसा कंटेंट बनाया जा रहा है, जो लोगों को गुमराह कर सकता है. उनका कहना है कि इससे उनकी इमेज, रेप्यूटेशन, प्राइवेसी और पब्लिक इमेज पर बुरा असर पड़ रहा है. अदालत में कुछ ऐसे ऑनलाइन प्रोडक्ट्स का भी जिक्र किया गया, जिनमें उनकी फोटो का बिना परमिशन यूज किया गया है.
इस मामले में क्या बोली कोर्ट?
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि पब्लिक फिगर को आम लोगों की तुलना में ज्यादा जांच और क्रिटिसिज्म का सामना करना पड़ता है. हालांकि, उन्होंने ये भी माना कि इसकी एक सीमा होनी चाहिए. अदालत ने कहा, ‘आप पब्लिक लाइफ में हैं, इसलिए आप बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा इनसिक्योर हैं, लेकिन इसकी भी सीमाएं हैं’. सुनवाई के दौरान एक लिंक को अदालत ने ‘बॉर्डरलाइन’ बताया. वहीं, एक्टर की टीम ने कहा कि इस तरह के कंटेंट लगातार बढ़ रहे हैं और इसे रोकने की जरूरत है.
चैतन्य-सामंथा की शादी और तलाक
नागा चैतन्य और सामंथा रुथ प्रभु ने कई साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद साल 2017 में शादी की थी. दोनों की जोड़ी को फैंस काफी पसंद करते थे. हालांकि, 4 साल के अंदर साल 2021 में दोनों ने अलग होने का फैसला लिया. इसके बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए. नागा चैतन्य ने शोभिता धूलिपाला से शादी कर ली, जबकि सामंथा ने फिल्ममेकर राज निदिमोरू से विवाह किया. सामंथा पहले भी साफ कर चुकी हैं कि उनका तलाक आपसी सहमति से हुआ था और दोनों के बीच किसी तरह का विवाद नहीं था.
दूसरे सितारे भी ले चुके हैं अदालत की मदद
पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर कोर्ट पहुंचने वाले नागा चैतन्य पहले अभिनेता नहीं हैं. इससे पहले उनके पिता नागार्जुन भी अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर चुके हैं. तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे इस तरह के मामलों में कानूनी मदद ले चुके हैं. चिरंजीवी, महेश बाबू और जूनियर एनटीआर जैसे कलाकार भी अपने नाम और पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए अदालत का सहारा ले चुके हैं. डिजिटल दौर में बढ़ते डीपफेक और फर्जी कंटेंट के बीच ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.
























































