नई दिल्ली: हाल ही में दिल्ली में हुई एक दुखद घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है। बिहार के 21 साल के एक डिलीवरी बॉय की कथित तौर पर दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और निंदनीय है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चिराग पासवान ने बताया कि उनकी पार्टी के सांसद पहले से एक कमेटी दौरे पर थे, लेकिन इस घटना की गंभीरता को देखते हुए वे दौरा बीच में छोड़कर पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे।
चिराग ने कहा कि सांसद परिवार से मिलकर पूरी जानकारी लेंगे और उसके बाद गृह मंत्री से बात की जाएगी, ताकि इस मामले में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी साफ कहा कि किसी व्यक्ति के साथ सिर्फ इसलिए भेदभाव या हिंसा नहीं हो सकती क्योंकि वह बिहार से है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित करेंगी कि ऐसी घटना दोबारा न हो। इस बयान के बाद यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
सभी चुनावी राज्यों में NDA करेगी अच्छा प्रदर्शन-चिराग पासवान
वहीं दूसरी ओर, चिराग पासवान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि वहां की जनता तृणमूल कांग्रेस की सरकार से परेशान हो चुकी है। उनके मुताबिक लोगों को मौजूदा सरकार का रवैया तानाशाही, भ्रष्ट और हिंसक लगता है, इसलिए वे बदलाव चाहते हैं।
पासवान ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के चुनाव प्रचार से लोगों में भरोसा बढ़ा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को बड़ी जीत मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि असम, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु इन सभी राज्यों में एनडीए अच्छा प्रदर्शन करेगा।
दिल्ली की घटना ने किए कई गंभीर सवाल खड़े
इस दौरान उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। पासवान ने कहा कि कुछ नेता दूसरे राज्यों में जाकर बिहार की छवि खराब करते हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे नेताओं को शिकायत करने का अधिकार नहीं है। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो एक ओर जहां दिल्ली की घटना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर चुनावी माहौल में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन मुद्दों का राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

























































