नई दिल्ली। डिजिटलीकरण के आने से जैसे-जैसे लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है. वैसे-वैसे ही इससे जुड़े खतरे भी बढ़े हैं. हाल ही में सरकार ने आधार यूज से जुड़ा एक सुरक्षा अपडेट जारी किया है. क्योंकि बैंक, फिनटेक कंपनियां और सरकारी विभाग लोगों की आधार जानकारी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लोगों के निजी डेटा की सुरक्षा बहुत जरूरी हो गई है. इसी वजह से UIDAI ने सभी संस्थाओं से कहा है कि वे आधार से जुड़ा डेटा एक सुरक्षित डिजिटल जगह पर रखें, जिसे आधार डेटा वॉल्ट (ADV) कहा जाता है. आइए हम आपको इस सुरक्षा अपडेट के बारे में डिटेल में बताते हैं.
ADV क्या है?
ADV एक खास और सुरक्षित स्टोरेज सिस्टम है, जिसमें आधार संख्या या eKYC फाइलों जैसी जानकारी रखी जाती है. इन फाइलों में नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता, ईमेल और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी होती है. यह वॉल्ट ऐसी जगह की तरह काम करता है जहां प्रवेश सीमित होता है, ताकि आधार नंबर अलग-अलग डेटाबेस में फैले न रहें. इसके बजाय इन्हें एक ही जगह एन्क्रिप्ट करके रखा जाता है, जिससे डेटा लीक या पहचान चोरी का खतरा कम हो जाता है.
आधार डेटा वॉल्ट किसे बनाना है?
आधार अधिनियम, 2016 के अनुसार, UIDAI ने निर्देश दिया है कि जो भी संस्था आधार का उपयोग पहचान की ऑथेंटिकेशन के लिए करती है, उसे यह वॉल्ट बनाना जरूरी है. कोई भी कंपनी या संस्था जो आपका आधार नंबर रखती है या ई-KYC के लिए उसका उपयोग करती है, उसे आपकी जानकारी की सुरक्षा के लिए ADV बनाना होगा.
UIDAI ने यह वॉल्ट क्यों शुरू किया?
इसका सबसे बड़ा उद्देश्य आधार जानकारी के दुरुपयोग को रोकना है. जितने कम सिस्टम असली आधार नंबर को रखते हैं, उतना ही डेटा चोरी का जोखिम कम होता है. इसके मुख्य फायदे हैं.
- आधार नंबर और उससे जुड़ी जानकारी एन्क्रिप्ट होकर सुरक्षित रहती है.
- सीमित और नियंत्रित पहुंच मिलती है, जिससे बिना अनुमति कोई डेटा तक नहीं पहुंच सकता.
- सभी संस्थाओं के लिए एक समान सुरक्षा नियम और चेकिंग सिस्टम लागू होता है.
- UIDAI ने इस वॉल्ट को सुरक्षित रखने के लिए खास सुरक्षा नियम भी जारी किए हैं. इन नियमों में एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन की कुंजियां और नियमित जांच शामिल है.
यूजर्स को क्या होगा फायदा?
आम लोगों के लिए ADV एक अतिरिक्त सुरक्षा परत प्रदान करता है. जब आप KYC के लिए अपना आधार देते हैं, तो आपकी जानकारी केवल एन्क्रिप्टेड रूप में रखी जाती है और बिना अनुमति कोई उसे न देख सकता है, न कॉपी कर सकता है. कुल मिलाकर, आधार डेटा वॉल्ट आधार से जुड़ी जानकारी को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की व्यवस्था बनाता है.

























































