नई दिल्ली: UPI पेमेंट करते समय अक्सर लोगों से ये गलती हो जाती है कि वे गलत नंबर पर पेमेंट कर देते हैं। जल्दी में पेमेंट करते समय कई बार हमारा ध्यान नहीं जाता कि हम कहां और किस नंबर पर पैसे भेज रहे हैं। ऐसे में ट्रांजेक्शन हो जाने के बाद जब सामने वाले को अमाउंट नहीं मिलता है तब हमें पता चलता है कि हमने गलत नंबर पर पेमेंट कर दिया है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो जाए तो परेशान ना हों। RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, गलत नंबर पर UPI पेमेंट हो जाने के बाद आपको को टोल-फ्री नंबर पर तुरंत NPCI के टॉल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे आपके पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
NPCI को करें गलत ट्रांजेक्शन की शिकायत
जल्दबाजी में अक्सर गलत नंबर पर UPI पेमेंट हो जाता है। ऐसे में लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए। बल्कि तुरंत उपने पैसे पाने के लिए इसकी शिकायत करनी चाहिए। एक बार UPI PIN डालने के बाद UPI ट्रांजैक्शन को कैंसल नहीं किया जा सकता है। अगर आपने गलती से किसी को पैसे भेज दिए हैं, तो आप पैसे पाने वाले से कॉन्टैक्ट करके उनसे पैसे वापस मांगने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। अगर इससे बात नहीं बनती है तो आप NPCI को इसके लिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
इस टॉल फ्री नंबर पर करें कॉल
आप NPCI के टोल-फ्री नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद आप फिर अपनी बैंक ब्रांच जाएं और फिर वहां से जरूरी फॉर्म भरकर लिखित शिकायत भी जमा कर सकते हैं। अगर बैंक आपकी मदद करने से मना कर देता है या कार्रवाई में देरी करता है, तो आप बैंक के खिलाफ https://rbi.org.in/Home.aspx पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
संभालकर रखें ट्रांजैक्शन नंबर
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, अगर कोई ऑनलाइन पेमेंट गलती से किसी दूसरे व्यक्ति के अकाउंट में चला जाता है तो बैंक को शिकायत को रिव्यू करना चाहिए और 48 घंटों के भीतर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
ध्यान रखें कि UPI या नेट बैंकिंग से पेमेंट करने के बाद पैसे कटने का मैसेज आए तो उसे संभाकल रखें। इसमें ट्रांजैक्शन/PPBL नंबर होता है। इस नंबर की जरूरत शिकायत दर्ज करते समय पड़ती है।

























































