नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि कैसे किसी भी संघर्ष को जल्द से जल्द शुरू करके लक्ष्य और उद्देश्य प्राप्त कर उसे समाप्त करना है, दुनिया को भारत से यह सबक सीखना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उदाहरण देते हुए यह बात कही।
हमारे उद्देश्य क्या थे?
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि “आज जो भी युद्ध चल रहे हैं, चाहे वह रूस-यूक्रेन युद्ध हो या इज़रायल-हमास युद्ध, वे लंबे अर्से से चल रहे हैं, क्योंकि कोई भी संघर्ष समाप्ति के बारे में नहीं सोच रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में हमने सुना है कि लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान का हमें और नुकसान करना चाहिए। हमने इस युद्ध को बहुत जल्दी रोक दिया। एयर चीफ मार्शल ने कहा कि हां ये सच कि हमने पाकिस्तान को गहरा घाव दिया, वे पीछे हट गए थे, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हमारे उद्देश्य क्या थे? हमारा उद्देश्य आतंकवाद विरोधी था। हमें उन पर हमला करना था। हमने वो किया।’
किसी भी संघर्ष की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है
एयर चीफ मार्शल ने कहा कि अगर हमारे उद्देश्य पूरे हो गए हैं, तो हमें संघर्ष क्यों नहीं समाप्त करना चाहिए? हमें इसे जारी क्यों रखना चाहिए? क्योंकि किसी भी संघर्ष की बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। यह अगले संघर्ष के लिए हमारी तैयारियों को प्रभावित करेगा। यह हमारी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा। यह देश की प्रगति को प्रभावित करेगा। इसलिए, मुझे लगता है कि दुनिया यही भूल रही है। उन्हें नहीं पता कि जब हमने युद्ध शुरू किया था तो हमारा लक्ष्य क्या था। अब उनका लक्ष्य बदल रहा है। अहंकार बीच में आ रहा है। और यहीं पर मुझे लगता है कि दुनिया को भारत से सबक सीखना चाहिए कि कैसे किसी भी संघर्ष को जल्द से जल्द शुरू और समाप्त करना।”
हमारे हथियार गेम चेंजर साबित हुए
उन्होंने कुछ हथियारों का जिक्र करते हुए उन्हें ऑपरेशन सिंदूर में गेम चेंजर बताया। एयर चीफ मार्शल ने कहा, “हमने जो लंबी दूरी के एलआर-एसएएम, एस-400 खरीदे थे, वे इसमें गेम चेंजर साबित हुए। उनके लंबी दूरी के रडार और मिसाइल सिस्टम दुश्मन के विमानों को उनके ही इलाके में घुसकर चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। इसलिए हम कुछ ऐसा कर पाए कि वे जवाबी अटैक कर पानी की स्थिति में नहीं थे। हमारे हथियारों की रेंज उनके हथियारों की रेंज से ज़्यादा थी। उनके जो हथियार आते भी थे तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ता था। इसलिए, यह एक गेम चेंजर था।”
पाकिस्तान ने अपने एयर स्पेस को बंद नहीं किया
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के हवाई अड्डे बंद नहीं करने का भी जिक्र किया, एयर चीफ मार्शल ने कहा, “पाकिस्तान ने अपने कुछ हवाई अड्डे बंद नहीं किए थे, एयर स्पेस बंद नहीं किया था। उनके नागरिक विमान लाहौर के ऊपर से उड़ान भर रहे थे। इसलिए अगर हमने उस समय इसके बारे में नहीं सोचा होता, तो शायद कई लोगों की जान जा सकती थी। उन विमानों की आड़ में हमारे सामने एक चुनौती थी। उन्होंने अपने कुछ यूएवी, ड्रोन, को भी उड़ान भरने के लिए तैयार कर लिया था। यह सारी जानकारी हमें मिल रही थी। लेकिन हमने तय किया था कि चाहे कुछ भी हो जाए, हमें ऐसे किसी भी विमान को, गलती से भी, नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए जिसमें नागरिक या कोई अन्य गैर-सैन्य कर्मी हों।

























































