नई दिल्ली: राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के हाथों करारी शिकस्त झेलनी पड़ी. 14 जनवरी को हुए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 284 रन बनाए थे, लेकिन कीवी टीम ने 47.3 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया. यह हार सिर्फ एक खराब दिन नहीं थी, बल्कि कुछ भारतीय खिलाड़ियों के कमजोर प्रदर्शन ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं. अगर ये खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी निभाते, तो मैच का नतीजा शायद अलग हो सकता था.
इस मुकाबले में भारत की सबसे बड़ी कमजोरी मिडिल ओवर्स में गेंदबाजी रही. न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने बिना ज्यादा दबाव के रन बनाए और मैच को अपनी पकड़ में ले लिया. खासकर डेरिल मिचेल की नाबाद शतकीय पारी भारत के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनी.
कुलदीप यादव रहे सबसे महंगे
चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव से इस मैच में काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे पूरी तरह नाकाम रहे. मिडिल ओवर्स में जहां विकेट निकालना जरूरी था, वहां कुलदीप रन रोकने में भी सफल नहीं हो पाए. उन्होंने अपने 10 ओवर में 80 से ज्यादा रन लुटाए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया. उनका महंगा स्पेल भारत पर भारी पड़ गया.
प्रसिद्ध कृष्णा की चूक पड़ी भारी
तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा. उन्होंने न सिर्फ रन दिए, बल्कि एक अहम मौके पर डेरिल मिचेल का कैच छोड़ दिया. यही कैच आगे चलकर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. मिचेल ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए शानदार शतक जड़ दिया.
जडेजा से नहीं मिला ऑलराउंड योगदान
रविंद्र जडेजा से टीम को बैट और बॉल दोनों से योगदान की उम्मीद रहती है, लेकिन इस मैच में वे दोनों ही विभागों में फीके रहे. बल्लेबाजी में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए और मात्र 27 ही बनाए. गेंदबाजी में भी जडेजा विकेट लेने में नाकाम रहे.
श्रेयस अय्यर का फ्लॉप शो
उपकप्तान श्रेयस अय्यर का बल्ला भी इस अहम मुकाबले में शांत रहा. उन्होंने कुछ गेंदें जरूर खेलीं, लेकिन बाद में सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. टीम को उनसे जिस तरह की पारी की जरूरत थी, वह देखने को नहीं मिली.
सिराज को नहीं मिली सफलता
मोहम्मद सिराज ने अपनी पूरी कोशिश की, लेकिन विकेट उनके खाते में नहीं आए. शुरुआती ओवर्स में दबाव बनाने में वे कामयाब नहीं हो सके, जिसका फायदा न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने उठाया.
अब आगे क्या?
कुल मिलाकर भारत की यह हार किसी एक खिलाड़ी की वजह से नहीं, बल्कि टीम के सामूहिक खराब प्रदर्शन का नतीजा रही. अब सीरीज का फैसला तीसरे वनडे में होगा, जहां टीम इंडिया को इन गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करनी होगी.

























































