नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग को रोकना बहुत जरूरी था, क्योंकि ये हमारे देश और युवाओं को बर्बाद कर रहा था. उन्होंने बताया कि ऐसी गेमिंग की वजह से न सिर्फ पैसा बर्बाद हो रहा था, बल्कि युवाओं का भविष्य भी खतरे में पड़ रहा था. इसीलिए सरकार ने इस पर सख्ती करने का फैसला लिया. रुपये की कीमत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि रुपया सिर्फ डॉलर के मुकाबले में थोड़ा ऊपर-नीचे हो रहा है. ये समस्या कई देशों में देखी जा रही है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि रुपया कमजोर हो रहा है.
मेहनत की कमाई गवां देते हैं युवा
ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग, जैसे जुआ और सट्टेबाजी से जुड़े खेल, युवाओं को गलत रास्ते पर ले जा रहे थे. इन खेलों में लोग आसानी से पैसा कमाने के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते थे. खासकर युवा, जो इन गेम्स की चमक-दमक में फंस जाते थे, अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान देना छोड़ रहे थे. सरकार ने इस खतरे को समझा और इसे रोकने के लिए कदम उठाए. वित्त मंत्री ने कहा कि ये फैसला देश के भविष्य को बचाने के लिए लिया गया, ताकि युवा गलत आदतों में न पड़ें और अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकें.
रुपये की स्थिति पर कही ये बात
इसके अलावा रुपये की स्थिति पर बात करते हुए सीतारमण ने साफ किया कि रुपये का उतार-चढ़ाव सिर्फ डॉलर के मुकाबले है. ये कोई नई बात नहीं है, क्योंकि दुनिया के कई देशों की मुद्राएं भी ऐसा ही कर रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि रुपया कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि ये सिर्फ बाजार का सामान्य उतार-चढ़ाव है. सरकार इस पर नजर रख रही है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
वित्त मंत्री ने ये भी बताया कि सरकार का ध्यान देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर है. हाल ही में जीएसटी काउंसिल ने टैक्स सिस्टम को आसान करने के लिए बड़े सुधार किए हैं. अब सिर्फ 5% और 18% के दो टैक्स स्लैब होंगे, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा की चीजें सस्ती मिलेंगी. पनीर, दूध और कैंसर की दवाओं जैसी चीजों पर टैक्स हटा दिया गया है. सीतारमण ने कहा कि इन कदमों से न सिर्फ आम आदमी को राहत मिलेगी, बल्कि कारोबारियों को भी आसानी होगी.
उन्होंने ये भी कहा कि सरकार का पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स कम नहीं होगा. बजट में तय किए गए सभी प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे. साथ ही, वित्तीय घाटे को भी नियंत्रित किया जाएगा. ये सारी कोशिशें देश को आर्थिक रूप से और मजबूत करने के लिए हैं, ताकि युवाओं और आम लोगों का भविष्य सुरक्षित रहे.

























































