मुंबई: सोमवार को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए महाराष्ट्र के राज्य मुख्यालय का भूमि पूजन हुआ. इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान ने सबका ध्यान खींच लिया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “आप लोग खुश होंगे डबल इंजन सरकार से, पर मैं नहीं… मुझे ट्रिपल इंजन सरकार चाहिए.” इस बयान ने वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को चौंका दिया. मगर इसके पीछे शाह का संदेश साफ था, बीजेपी का लक्ष्य सिर्फ सत्ता नहीं, संगठन का निरंतर विस्तार है.
भूमि पूजन के दौरान शाह ने महाराष्ट्र की राजनीति, संगठन और बीजेपी की विचारधारा पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि पार्टी ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब “परिवारवाद वाली पार्टियां” भारत में नहीं चलेंगी. बीजेपी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, जहां कोई भी समर्पित कार्यकर्ता शीर्ष पद तक पहुंच सकता है.
मुंबई के चर्चगेट में बनेगा नया भव्य बीजेपी दफ्तर
मुंबई के चर्चगेट इलाके में बनेगा महाराष्ट्र बीजेपी का नया मुख्यालय. अमित शाह के हाथों हुए भूमि पूजन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे. यह भवन दक्षिण मुंबई की प्रीमियम लोकेशन पर बनेगा और इसका डिजाइन दिल्ली के बीजेपी मुख्यालय की तर्ज पर तैयार किया जाएगा.
पार्टी नेताओं के मुताबिक नया दफ्तर पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस होगा. इसमें बायोमेट्रिक सिक्योरिटी, डिजिटल एक्सेस सिस्टम और हाई-टेक कम्युनिकेशन सुविधाएं होंगी. यह केंद्र महाराष्ट्र बीजेपी के संगठनात्मक संचालन का मुख्य हब बनेगा.
शाह बोले- 2026 तक हर जिले में होगा बीजेपी ऑफिस
अमित शाह ने इस मौके पर ऐलान किया कि दिसंबर 2026 तक महाराष्ट्र के हर जिले में बीजेपी का दफ्तर होगा. उन्होंने कहा, “हम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर रहे हैं. यह सिर्फ राजनीति नहीं, सेवा और समर्पण का मिशन है.” शाह के इस बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि पार्टी आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटी है.
“परिवारवाद नहीं, कार्यकर्ता नेतृत्व की पार्टी है बीजेपी”
गृह मंत्री शाह ने अपने भाषण में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “बीजेपी परिवारवाद की पार्टी नहीं है. हमने साबित कर दिया कि इस देश में अब वंशवादी पार्टियां नहीं चलेंगी. हमारे यहां एक कार्यकर्ता भी अध्यक्ष बन सकता है.” इस टिप्पणी पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियां बजाईं.
“ट्रिपल इंजन सरकार” का मतलब क्या है?
शाह के “ट्रिपल इंजन सरकार” वाले बयान का संकेत था कि केंद्र और राज्य के साथ-साथ संगठनात्मक ताकत का इंजन भी पूरी रफ्तार से चले. यानी सरकार और संगठन, दोनों के तालमेल से विकास और राजनीतिक विस्तार को नई गति देना.

























































