नई दिल्ली। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब तक आधार कार्ड अहम दस्तावेज रहा है. लेकिन आने वाले समय में इस व्यवस्था में बदलाव हो सकता है. केंद्र सरकार लाभार्थियों को भुगतान करने के लिए आधार कार्ड की जगह बायोमेट्रिक पहचान और वोटर आईडी (EPIC) नंबर को अनिवार्य बना सकती है. केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने एक कार्यक्रम में इसका संकेत दिया है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि यह बदलाव किन सरकारी योजनाओं में होगा और कब से लागू किया जाएगा.
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने गत 30 अक्टूबर को आयोजित एक नेशनल वर्कशॉप में यह बात कही थी. यह कार्यक्रम पंचायती राज मंत्रालय की ओर से पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 को लेकर आयोजित किया गया था. वर्कशॉप को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब लाभार्थियों को भुगतान करने का बेसिस आधार कार्ड नहीं रहेगा. उन्होंने आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब आधार कार्ड बनाने वाली संस्थाएं हर जगह उपलब्ध हैं और किसी का भी आधार कार्ड कुछ ही मिनटों में बनाया जा सकता है.
राजीव रंजन सिंह ने कहा कि लाभार्थियों के भुगतान के लिए बायोमेट्रिक पहचान और उनके वोटर आईडी कार्ड का EPIC नंबर इस्तेमाल किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि सरकार लाभार्थियों की पहचान और उन्हें मिलने वाले पैसे के भुगतान के लिए इन दोनों तरीकों को अपनाने पर विचार कर सकती है.
किन सरकारी योजनाओं में जरूरी है आधार?
केंद्र सरकार की कई योजनाओं में लाभार्थियों की पहचान और बैंक खाते में पैसा भेजने के लिए आधार का इस्तेमाल होता है. इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan), प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) और ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम VB-G RAM G शामिल हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन में भी आधार से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय की कुछ योजनाओं में भी आधार की जरूरत पड़ती है. उदाहरण के लिए नेशनल लाइवस्टॉक मिशन एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत लाभ लेने वाले लोगों को आधार नंबर होने का प्रमाण देना या आधार ऑथेंटिकेशन कराना जरूरी है.
अब इन योजनाओं में आधार नहीं होगा मान्य?
केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या पीएम-किसान, पेंशन और आवास जैसी योजनाओं में भी आधार की जगह वोटर आईडी और बायोमेट्रिक पहचान का इस्तेमाल होगा. फिलहाल इसे लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है. मंत्री ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि नई व्यवस्था किन योजनाओं पर लागू होगी. इसके लागू होने की तारीख और पूरी प्रक्रिया के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
यहां यह समझना जरूरी है कि मंत्री का बयान नई व्यवस्था का संकेत जरूर देता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी सरकारी योजनाओं में आधार की अनिवार्यता तत्काल खत्म हो गई है. इसलिए फिलहाल लाभार्थियों को अपनी योजनाओं के लिए तय मौजूदा नियमों के मुताबिक ही दस्तावेज और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए.





















































