नई दिल्ली। देश की राशन व्यवस्था में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है, जिसमें अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के जरिए मिलने वाले राशन के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है. सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद खाद्य और पोषण सुरक्षा को और ज्यादा बेहतर बनाना है.
क्या है नया प्रस्ताव?
अंत्योदय अन्न योजना के जरिए फिलहाल पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है, चाहे परिवार में सदस्यों की संख्या कितनी भी हो. नए ड्राफ्ट के अनुसार, अब राशन वितरण को प्रति व्यक्ति आधार पर करने का प्रस्ताव है. अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो हर एक पात्र व्यक्ति को हर महीने 7 किलोग्राम अनाज मिलेगा. हालांकि सरकार ने साफ किया है कि प्रति परिवार अधिकतम 35 किलोग्राम अनाज की लिमिट बरकरार रहेगी.
क्यों जरूरी है ये बदलाव?
सरकार के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में परिवार में सदस्यों की संख्या के कारण असमानता देखने को मिलती है. छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज मिलता है, जबकि बड़े परिवारों में प्रति व्यक्ति हिस्सा कम हो जाता है. नई व्यवस्था का मकसद इस असंतुलन को खत्म करना और सभी लाभार्थियों को समान आधार पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है. इससे राशन वितरण प्रणाली ज्यादा पारदर्शी और बैलेंस्ड बन सकेगी.
किन परिवारों को हो सकता है फायदा?
बड़े और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इस बदलाव से ज्यादा लाभ मिल सकता है. प्रति व्यक्ति आधार पर राशन तय होने से परिवार के सदस्यों की संख्या को बेहतर तरीके से ध्यान में रखा जा सकेगा. सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने की प्रक्रिया और ज्यादा बेहतर होगी.
जनता से मांगे गए सुझाव
केंद्र सरकार ने इस ड्राफ्ट विधेयक पर आम नागरिकों, एक्सपर्ट्स और दूसरे स्टेकहोल्डर्स से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं. इच्छुक लोग 13 जुलाई 2026 तक अपनी राय सरकार को भेज सकते हैं. प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर संशोधन प्रस्ताव में जरूरी बदलाव किए जाएंगे, जिसके बाद इसे आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाएगा.




























































