नई दिल्ली। घर में रखा राशन केवल दैनिक जरूरतों को पूरा करने का साधन नहीं होता, बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से भी जोड़ा गया है। इससे घर का वातावरण संतुलित बना रहता है, जबकि गलत स्थान पर रखा राशन रखना कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकता है। तो आइए जानते हैं कि आटा, चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री रखने के लिए कौन-सी दिशा सही मानी जाती है।
राशन का वास्तु महत्व
वास्तु शास्त्र में घर के हर हिस्से और वस्तु के लिए एक विशेष ऊर्जा दिशा बताई गई है। अनाज और खाद्य पदार्थों को भी इसी सिद्धांत से जोड़ा गया है। मान्यता है कि सही स्थान पर रखा राशन घर में बरकत बनाए रखता है। ऐसे में घर में अनाज, दाल, आटा और अन्य राशन सामग्री रखते समय दिशा का ध्यान रखना फायदेमंद माना जाता है।
दक्षिण-पूर्व दिशा है सबसे शुभ
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) राशन के भंडारण के लिए सबसे उपयुक्त है। यह दिशा अग्नि तत्व से संबंधित होती है, इसलिए यहां रखे गए सूखे खाद्य पदार्थ ज्यादा सुरक्षित रहते हैं। अगर घर में अलग स्टोर रूम उपलब्ध न हो, तो रसोई के दक्षिण या दक्षिण-पूर्व हिस्से में राशन रखने की सलाह दी जाती है।
ईशान कोण में न रखें राशन
उत्तर-पूर्व दिशा, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ मानी जाती है। हालांकि, वास्तु के अनुसार इस दिशा में अनाज या अन्य खाद्य सामग्री रखने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे घर में आर्थिक असंतुलन और स्थिरता से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
इन दिशाओं में भी रखें सावधानी
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर, उत्तर-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में लंबे समय तक खाद्य पदार्थ रखने से उनमें नमी, कीड़े या खराब होने की समस्या हो सकती है। विशेषकर मौसम में बदलाव के दौरान यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इसलिए राशन को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वातावरण सूखा और अनुकूल बना रहे।
ये दिशा भी नहीं मानी जाती अनुकूल
वास्तु के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा में भी खाद्य पदार्थों का भंडारण अधिक शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि यहां ऊर्जा का संतुलन अपेक्षाकृत कमजोर रहता है, जिससे राशन की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस दिशा से बचना बेहतर माना जाता है।





























































