नई दिल्ली। जिंदगी में उतार चढ़ाव तो आते रहते हैं, लेकिन कई बार इंसान मेहनत करते करते थक जाता है और फिर भी उसकी जेब हमेशा खाली ही रहती है. लोग दिन रात एक करके पैसा कमाते हैं, पर वो पैसा कहां गायब हो जाता है, किसी को समझ नहीं आता है.
ज्योतिष शास्त्र में इसके पीछे का एक बहुत बड़ा कारण बताया गया है, जिसे दरिद्र योग कहते हैं. कुंडली के कुछ ऐसे ग्रह नक्षत्र होते हैं जो किसी रईस इंसान को भी पल भर में पाई पाई के लिए मोहताज कर सकते हैं.
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में यह बुरा योग बनता है, तो वह न चाहते हुए भी कर्ज के ऐसे दलदल में धंसता चला जाता है जिससे बाहर निकलना नामुमकिन लगने लगता है.
आइए आज बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि कर्ज और कंगाली का यह ज्योतिष कनेक्शन आखिर क्या है.
कुंडली का छठा भाव और राहु केतु की टेढ़ी चाल ही है कर्ज का असली जड़
ज्योतिष विज्ञान के अनुसार हमारी जन्म कुंडली में कुल 12 घर या भाव होते हैं. इनमें से जो ‘छठा भाव’ होता है, उसे मुख्य रूप से कर्ज, बीमारी और दुश्मनों का घर माना जाता है.
अगर इस छठे भाव पर राहु, केतु या शनि जैसे क्रूर ग्रहों की गंदी नजर पड़ जाए, तो इंसान की बर्बादी शुरू हो जाती है. राहु और केतु जब अपनी टेढ़ी चाल चलते हैं, तो इंसान का दिमाग काम करना बंद कर देता है.
वो दिखावे के चक्कर में या गलत जगह निवेश करके भारी नुकसान उठा लेता है. ऐसे में इंसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरों से उधार या बैंक से लोन लेने पर मजबूर हो जाता है.
जब मंगल और गुरु रूठ जाएं तो राजा भी बन जाता है पाई पाई का मोहताज
पैसा और कर्ज के मामले में मंगल और देवगुरु बृहस्पति का रोल बहुत बड़ा होता है. मंगल को कर्ज का मुख्य कारक ग्रह माना गया है, वहीं गुरु को धन और सुख समृद्धि का देवता कहा जाता है.
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल कमजोर होकर बैठ जाए, तो ऐसा इंसान लोन तो ले लेता है लेकिन उसे कभी चुका नहीं पाता. उसका कर्ज दिन दूना रात चौगुना बढ़ने लगता है.
वहीं अगर भाग्य का साथ देने वाले गुरु देव भी रूठ जाएं, तो कमाया हुआ पैसा भी पानी की तरह बह जाता है. ऐसे में इंसान चाहे जितनी कोशिश कर ले, उसकी बरकत पूरी तरह से गायब हो जाती है.
गलत आदतों और गलत दिशा में रखे धन से भी एक्टिव हो जाता है दरिद्र योग
कई बार हमारे अपने ही कर्म और घर के वास्तु दोष भी इन बुरे ग्रहों को और ज्यादा ताकतवर बना देते हैं. जो लोग हमेशा गंदे रहते हैं, फटे पुराने कपड़े पहनते हैं या रात के समय घर में झूठे बर्तन छोड़ देते हैं, उनके घर में दरिद्र योग अपने आप एक्टिव हो जाता है.
इसके अलावा अगर आपने अपने घर की उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में कबाड़ या भारी सामान रखा है, तो वहां की पॉजिटिव एनर्जी ब्लॉक हो जाती है.
ये वास्तु दोष सीधे आपकी पॉकेट पर असर डालता है और घर में पैसा टिकने ही नहीं देता.
इन अचूक उपायों से टूटेगा कंगाली का जाल और वापस आएगी घर की लक्ष्मी
अगर आप भी कर्ज के इस मकड़जाल में फंस चुके हैं, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. ज्योतिष शास्त्र में इससे बाहर निकलने के कुछ बेहद सरल और अचूक उपाय बताए गए हैं.
सबसे पहले तो हर मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाकर ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करना शुरू कर दें. इसके साथ ही बुधवार के दिन गणेश जी को हरी दूर्वा घास चढ़ाएं और गाय को हरा चारा खिलाएं.
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि और राहु का बुरा प्रभाव शांत होता है, जिससे धीरे धीरे कर्ज उतरने लगता है और धन के नए रास्ते खुलने लगते हैं.


























































