नई दिल्ली। लियोनेल मेसी का लगातार दूसरा फीफा विश्व कप जीतने और विजेता के तौर पर विदाई लेने का सपना आखिरकार अधूरा रह गया। अमेरिका के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस के 106वें मिनट के गोल की बदौलत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर 16 साल बाद विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
इस विश्व कप का फेरान टोरेस का पहला गोल उनके जीवन का सबसे अनमोल गोल बन गया जिसने स्पेन को ट्रॉफी दी और इस खूबसूरत खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक लियोनल मेसी को आंसुओं के साथ विदाई। लियोनल मेसी का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना आखिरी तिलिस्म पर आकर टूट गया।
पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाने वाली स्पेनिश टीम ने अपने अभेद्य रक्षण से लियोनल मेसी को भी बेअसर कर दिया और इतिहास रचते हुए विश्व कप जीतने वाली सबसे मजबूत रक्षात्मक टीमों में अपनी जगह दर्ज करा ली। फेरान टोरेस ने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बाएं पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके। यह 2010 के बाद स्पेन का दूसरा विश्व खिताब है।
स्पेन का सबसे कम गोल गंवाने का रिकॉर्ड
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 8 मैच में सिर्फ एक गोल खाने वाली स्पेन ने टूर्नामेंट में चैंपियन द्वारा सबसे कम गोल गंवाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। पूरे टूर्नामेंट में आखिरी मिनटों में चमत्कारिक वापसी करती आई अर्जेंटीना उस प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी। निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।
स्पेन की महिला फुटबॉल टीम ने भी 2023 में विश्व कप जीता था और स्पेन एक ही साथ महिला और पुरुष फुटबॉल विश्व कप जीतने वाला पहला देश बन गया। इसके साथ ही स्पेन के कोच लुईस डे ला फुऐंटे 65 वर्ष की उम्र में किसी टीम को खिताब दिलाने वाले सबसे उम्रदराज कोच बन गए।
मैच के टॉकिंग पॉइंट्स
- स्पेन के सब्सटिट्यूट (स्थानापन्न खिलाड़ी) फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में विनिंग गोल किया।
- 65 साल की उम्र में लुईस डे ला फुऐंटे फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे उम्रदराज कोच बने।
- लियोनल मेसी फाइनल में कोई खास असर नहीं डाल पाए और स्पेन के लिए शायद ही कोई खतरा पैदा किया।
- स्पेन ने अर्जेंटीना के मुकाबले 20-2 से ज्यादा शॉट लिए, लेकिन अटैक में सटीक फिनिशिंग की कमी दिखी।
देर से जागा अर्जेंटीना
1-0 के स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था, लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
38 मैच से अपराजेय स्पेन
स्पेन अब पिछले 38 मैच से अपराजेय है। इसमें उसने 29 मैच जीते और नौ ड्रॉ खेले। यह किसी यूरोपीय टीम का अपराजेय रहने का सबसे बड़ा सिलसिला है। इससे पहले इटली ने अक्टूबर 2018 से सितंबर 2021 के बीच 37 मैचों में हार का सामना नहीं किया था।
अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पड़ा, जब दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्हें दूसरा पीला कार्ड दिखाया गया। उन्हें स्पेन के डिफेंडर पाउ कुबारासी से खतरनाक ढंग से टकराने के कारण कार्ड मिला।
अर्जेंटीनी गोलकीपर का शानदार प्रदर्शन
स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाए, जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की। अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाए।
लियोनल मेसी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली। गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई। उन्होंने इसे हवा में उछाला, लेकिन वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई।
लियोनल मेसी का था आखिरी विश्व कप
39 वर्ष के मेसी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि यह उनका आखिरी विश्व कप था। मेसी के दौर में फुटबॉलप्रेमियों ने मैदान पर चमत्कार होते देखे। लियोनल मेसी ने 2022 विश्व कप, 2008 बीजिंग ओलंपिक स्वर्ण पदक, 2021 और 2024 कोपा अमेरिका खिताब के साथ 19 साल में 16 बार अर्जेंटीना के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरसकार जीता है।

























































