भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के और अधिक मजबूत होकर गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) में बदलने से ओडिशा में बादल फटने जैसी अत्यधिक वर्षा होने की आशंका है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है।
लगातार हो रही वर्षा के कारण राज्य के 27 जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है।इसे देखते हुए विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।आईएमडी के अनुसार राज्य में यह मौसमीय स्थिति 29 जुलाई तक बनी रह सकती है।
गहरे अवदाब में परिवर्तित
रविवार को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना अवदाब सोमवार को और सशक्त होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित हो गया।
रविवार रात 11:30 बजे तक यह प्रणाली पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण, दीघा से 80 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, ओडिशा के चांदबाली से 150 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व तथा बालेश्वर से 140 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में केंद्रित थी। मौसम विभाग के अनुसार यह गहरा अवदाब सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पारादीप और सागर द्वीप के बीच तट को पार कर कर गया है।
तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट
आईएमडी ने इसके लिए सुंदरगढ़, केंदुझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 12 अन्य जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनजर जगतसिंहपुर, केंद्रापड़ा और मयूरभंज जिलों में स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्र सोमवार को बंद रखा गया।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
गहरे अवदाब के प्रभाव से समुद्र में ऊंची लहरें उठने और समुद्री परिस्थितियां अत्यंत खराब रहने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को 29 जुलाई तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि समुद्र में जाने से जान-माल का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए सभी मछुआरे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

























































