नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को बहुत ही खास हिस्सा माना जाता है। मान्यता है कि यही से घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ मां लक्ष्मी भी आती हैं। हालांकि जाने-अनजाने में ही लोग मुख्य द्वार पर जूते-चप्पलों का ढेर लगा देते हैं। वास्तु के अनुसार यहां पर जूते-चप्पल फैलाकर रखने से घर की बरकत पर बुरा असर पड़ता है और साथ ही सुख-शांति में भी बाधा आती है।
बढ़ेगा शनि-राहु का अशुभ प्रभाव
वास्तु शास्त्री डॉ. अंजन कुमार साबत के अनुसार मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल का ढेर लगाने से शनि और राहु ग्रह का बैलेंस खराब होता है। जब भी मुख्य द्वार पर गंदगी होती है या फिर जूतों-चप्पल का ढेर लगता है तो शनि और राहु के अशुभ प्रभाव बढ़ने लगते हैं। ऐसी स्थिति में बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं।
शुरू होती है पैसों की दिक्कत
वास्तु मान्यता है कि मुख्य द्वार पर गंदगी करने से मां लक्ष्मी निराश होती हैं। ऐसे में नेगेटिव ऊर्जा बढ़ती है और फालतू के खर्चे बढ़ने लगते हैं। इसका सबसे बुरा असर आर्थिक स्थिति पर ही पड़ता है।
काम में रुकावटें आती हैं
जूते-चप्पल को बिखेरकर रखने से शनि अशुभ फल देते हैं। ऐसे में मेहतन का फल नहीं मिलेगा। हो सकता है कि बनते-बनते काम भी अटकने लगे। करियर और बिजनेस से जुड़े कामों में कुछ ना कुछ बाधा बनती रहेगी।
घर में होंगे कलेश
जब भी आप मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल बिखेरकर रखेंगे तो इससे घर में राहु का प्रभाव बढ़ेगा। साथ ही घर में नेगेटिव एनर्जी ज्यादा आएगी। ऐसे में घर के सदस्यों के बीच बिना बात के कलेश होंगे। मानसिक तनाव बढ़ेगा।
सेहत पर पड़ेगा बुरा असर
मुख्य द्वार पर होने वाली गंदगी और जूते-चप्पल के ढेर से पॉजिटिव एनर्जी रूकने लगती है। ऐसे में घर के सदस्यों की सेहत पर भी इसका बुरा असर पड़ता है और लोग बहुत आलस भी करते हैं।
अपनाएं वास्तु के ये उपाय
जूते-चप्पल को हमेशा मुख्य द्वार से दूर ही रखें। एक बंद शू-रैक में इन्हें रखने की कोशिश करें। नियम के अनुसार शू-रैक को आप दक्षिण या फिर पश्चिम दिशा में रख सकते हैं।

























































