नई दिल्ली। सावन मास में पड़ने वाली अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से जानते हैं। इस दिन स्नान-दान करने के साथ पितरों का तर्पण करने के साथ-साथ पेड़-पौधों को लगाना शुभ माना जाता है। इस साल हरियाली अमावस्या पर साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से दुख-दर्द, रोह-दोष से निजात मिलने के साथ-साथ सुख-समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है। इसके साथ ही मान-सम्मान में वृद्धि और जीवन में खुशियों की दस्तक होती है। आइए जानते हैं हरियाली अमावस्या की तिथि, स्नान-दान का मुहूर्त, धार्मिक महत्व और कौन-कौन से पेड़-पौधे लगाना है शुभ…
हरियाली अमावस्या 2026 तिथि
वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 12 अगस्त को सुबह 01 बजकर 53 से आरंभ हो रही है, जो रात 11 बजकर 7 मिनट पर समाप्त हो रही है। ऐसे में हरियाली अमावस्या 12 अगस्त, बुधवार को ही मनाई जाएगी।
हरियाली अमावस्या 2026 स्नान-दान का मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 29 मिनट से 05 बजकर 17 मिनट तक
- अमृत काल – 04:36 एएम – 06:05 एएम
- लाभ – उन्नति- 05:49 ए एम से 07:28 ए एम
- अमृत – सर्वोत्तम- 07:28 ए एम से 09:07 ए एम
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 56 मिनट से 07 बजकर 18 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त – रात्रि 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक
हरियाली अमावस्या 2026 पर बन रहे शुभ योग
इस साल हरियाली अमावस्या पर पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ व्यातिपात और वरीयान योग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा इस दिन ग्रहों की स्थिति के हिसाब से बुधादित्य, गजकेसरी, शशि आदित्य से लेकर चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है।
- हरियाली अमावस्या पर सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय का समय- 12 अगस्त को सुबह 6:05 बजे
- सूर्यास्त- 12 अगस्त शाम 6:58 बजे
हरियाली अमावस्या पर लगाएं ये पेड़-पौधे
सावन अमावस्या के दिन आप पीपल, बरगद, बेलपत्र, तुलसी, नीम, मनी प्लांट आदि पौधे लगा सकते हैं।
हरियाली अमावस्या 2026 का धार्मिक महत्व
हरियाली अमावस्या का हिंदू दर्म में विशेष महत्व है। इस दिन शिव जी की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन पितरों के निमित्ति श्राद्ध करना लाभकारी माना जाता है। इस दिन पौधे लगाने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही दान-पुण्य करने से विशेष फलों की प्राप्ति हो सकती है।

























































