भुवनेश्वर। ओडिशा के लिए गौरव की बात है कि पारादीप बंदरगाह ने वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता के मामले में 150 मिलियन मीट्रिक टन (एमटी) का ऐतिहासिक आंकड़ा छू लिया है।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को पारादीप दौरे के दौरान इसकी घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने 427.80 करोड़ रुपये की लागत वाली सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पारादीप बंदरगाह ने देश के प्रमुख बंदरगाहों में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय
ओडिशा सरकार और राज्य की जनता को देते हुए कहा कि अब बंदरगाह का अगला लक्ष्य 500 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता हासिल करना है।
सोनोवाल ने कहा कि ओडिशा सरकार और यहां के लोगों के सहयोग से पारादीप पोर्ट ने यह उपलब्धि हासिल की है।यह देश के सबसे शक्तिशाली और सक्षम बंदरगाहों में शामिल हो चुका है। आने वाले वर्षों में इसे 500 एमटी क्षमता तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।
बंदरगाह के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
कार्यक्रम के दौरान बंदरगाह की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और कार्गो संचालन क्षमता बढ़ाने से जुड़ी सात परियोजनाओं की शुरुआत की गई।इन परियोजनाओं से बड़े जहाजों की आवाजाही आसान होगी और निर्यात-आयात गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
जगतसिंहपुर सांसद बिभू प्रसाद तराई ने कहा कि पारादीप बंदरगाह की उपलब्धियां ओडिशा के विकास की नई कहानी लिख रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि बंदरगाह के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
तराई ने कहा कि हाल के वर्षों में पारादीप पोर्ट ने उल्लेखनीय प्रगति की है। कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं और केंद्र सरकार ने भविष्य में भी विकास कार्यों को जारी रखने का आश्वासन दिया है।
बहुदा में बनेगा मेगा ग्रीनफील्ड पोर्ट
ओडिशा के उद्योग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वाई ने कहा कि राज्य को समुद्री व्यापार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गंजाम जिले के बहुदा में करीब 21 हजार करोड़ रुपये की लागत से ग्रीनफील्ड बंदरगाह विकसित करने की योजना है।
प्रस्तावित बंदरगाह में करीब 50 लाख कंटेनरों के संचालन की क्षमता होगी। इसके शुरू होने से ओडिशा पूर्वी भारत के सबसे बड़े समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है।
साथ ही उद्योगों, व्यापार और रोजगार के क्षेत्र में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि पारादीप बंदरगाह की बढ़ती क्षमता और बहुदा में नए बंदरगाह के निर्माण से ओडिशा की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा तथा राज्य देश के समुद्री व्यापार मानचित्र पर और अधिक मजबूत स्थिति हासिल करेगा।

























































