नई दिल्ली: केरल के कन्नूर जिले के मदायिपारा इलाके में स्थित वाड़ी हुधा स्कूल इस समय राजनीतिक विवादों के केंद्र में है. भाजपा ने स्कूल मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उसने मदायिपारा क्षेत्र में स्थित देवास्वोम संपत्ति की करीब 3 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है. बता दें कि वाड़ी हुधा स्कूल तालीमुल इस्लाम ट्रस्ट ( द्वारा चलाया जा रहा है.
भाजपा का कहना है कि पहले यह जमीन देवास्वोम ट्रस्ट की थी और इसे पिडारार समुदाय को चिरक्कल थंपुरन द्वारा दी गई थी, जो उस समय केवल 3 एकड़ थी, लेकिन अब इसका क्षेत्रफल बढ़कर 6 एकड़ हो गया है. भाजपा ने मांग की है कि देवास्वोम बोर्ड तुरंत कार्रवाई करते हुए इस कब्जाई गई जमीन को वापस ले.
भाजपा के कन्नूर नॉर्थ जिला अध्यक्ष के. के. विनोद कुमार ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
स्कूल मैनेजमेंट का जवाब
वहीं, वाड़ी हुज़ा स्कूल मैनेजमेंट ने भाजपा के इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है. उनका कहना है कि इस जमीन का देवास्वोम ट्रस्ट से कोई संबंध ही नहीं है. स्कूल मैनेजमेंट के अनुसार, उन्होंने यह जमीन साल 1980 में ईसा अब्दुल रहमान सेतु नामक व्यक्ति से खरीदी थी, जिसकी कुल माप 5 एकड़ और 77 सेंट है और यही पूरी जमीन आज स्कूल के पास है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में सभी रिकार्ड मदायि विलेज ऑफिस में उपलब्ध हैं और वहीं से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी.
भाजपा का विरोध प्रदर्शन और CPI (M) पर आरोप
इस विवाद को लेकर भाजपा ने कल मदायिपारा में विरोध प्रदर्शन भी किया. इस प्रदर्शन की शुरुआत भाजपा के राज्य महासचिव एम. टी. रमेश ने की. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) इस पूरे मामले में चरमपंथी मुस्लिम संगठनों की ‘बी टीम’ बन चुकी है और उनके समर्थन के बिना केरल में कोई भी कट्टरपंथी संगठन सिर नहीं उठा सकता.
मदायिपारा में हुए फिलिस्तीन समर्थन रैली का किया जिक्र
रमेश ने हाल ही में मदायिपारा में हुई फिलिस्तीन के समर्थन में लड़कियों की रैली का भी जिक्र किया और कहा कि यह रैली CPM की मदद से हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि CPM मदायिपारा की पवित्रता नष्ट करने की साजिश रच रही है और वोट पाने के लिए उग्रवादी संगठनों के आगे झुक रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि जिले में मंदिर उत्सवों को बाधित करने की कोशिशें हो रही हैं और CPM को इसके लिए विदेशी एवं राष्ट्रविरोधी ताकतों से फंड मिल रहा है.

























































