नई दिल्ली। महाराष्ट्र पर साइक्लोन ‘शक्ति’ का खतरा मंडरा है, ये साल का पहला चक्रवात है, जो कि अरब सागर में उठा है और काफी ताकतवर है, इसे देखते हुए यहां पर आज से लेकर 7 अक्टूबर 2025 तक के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। ये 100 किमी प्रति घंटा की चाल से आगे बढ़ रहा है। शनिवार से इसकी गति और भी तेज हुई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने भविष्यवाणी की है कि चक्रवात शक्ति सोमवार सुबह यानी कि 6 अक्टूबर से धीरे-धीरे कमजोर होगा और पूर्व की ओर मुड़ जाएगा।
रविवार तक यह चक्रवात पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा और शाम तक उत्तर-पश्चिमी तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य अरब सागर तक पहुंच जाएगा। मुंबई सहित महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को चक्रवात के दौरान भारी बारिश की आशंका है।
महाराष्ट्र तट पर हवा की गति 45-55 किमी प्रति घंटा रहेगी
5 अक्टूबर के बीच उत्तरी महाराष्ट्र तट पर हवा की गति 45-55 किमी प्रति घंटा रहने और 65 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात की तीव्रता के आधार पर हवा की गति बढ़ सकती है। महाराष्ट्र के आंतरिक हिस्सों, विशेषकर मराठवाड़ा और पूर्वी विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया
उत्तरी कोंकण के निचले इलाकों में बाढ़ की भी संभावना है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, चक्रवाती तूफान के प्रभाव से रविवार तक गुजरात-उत्तरी महाराष्ट्र तट और पाकिस्तान तट पर समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को मंगलवार तक उत्तर-पश्चिमी अरब सागर, उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर, मध्य अरब सागर और गुजरात-उत्तरी महाराष्ट्र तटों पर न जाने की चेतावनी दी है।
किसने रखा Cyclone Shakti का नाम?
महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन ने चक्रवात ‘शक्ति’ से निपटने की पूरी व्यवस्था कर ली है, तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आपको बता दें कि इस बार चक्रवात का नाम श्रीलंका ने रखा है। गौरतलब है कि विश्व मौसम संगठन (WMO) और एशियाई देशों का संयुक्त पैनल (ESCAP Panel) मिलकर चक्रवातों के नाम तय करते हैं।
13 देशों का बना एक पैनल
इस पैनल में 13 देश शामिल हैं – भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, मालदीव, थाईलैंड, ईरान, ओमान, क़तर, सऊदी अरब, यमन और संयुक्त अरब अमीरात। पहले चक्रवातों के नाम याद रखने में कठिनाई होती थी, इसलिए उन्हें नाम देने की परंपरा शुरू हुई। भारत में चक्रवातों की निगरानी और चेतावनी जारी करने का काम भारतीय मौसम विभाग (IMD) करता है।
चक्रवात क्या होता है?
चक्रवात एक ऐसा वायुमंडलीय तूफ़ान है जो उष्णकटिबंधीय समुद्रों के ऊपर तब बनता है जब समुद्र की सतह का तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है। समुद्र से उठने वाली गर्म और नम हवा ऊपर जाती है, जिससे निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। आसपास की ठंडी हवा इस क्षेत्र की ओर खिंचती है और इस प्रक्रिया से एक घूमता हुआ वायुप्रवाह (Spiral motion) बनता है, जिसे चक्रवात या साइक्लोन कहते हैं।
चक्रवात के प्रकार
चक्रवातों को उनकी तीव्रता और स्थान के अनुसार अलग-अलग नामों से जाना जाता है…
- Cyclone – भारतीय महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर में
- Hurricane – अटलांटिक महासागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में
- Typhoon – पश्चिमी प्रशांत महासागर में
- Willy-willy – ऑस्ट्रेलिया के पास

























































